चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाबी गायक गुरदास मान की स्टार नाइट रद्द होने के बाद विद्यार्थियों में रोष है। स्टूडेंट काउंसिल के उपप्रधान अर्चित गर्ग आठ साथियों के साथ भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जश्न ए रिवायत कार्यक्रम के तहत गुरदास मान मंगलवार रात कैंपस में पहुंचने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। अर्चित गर्ग ने रोष जताते हुए डीन स्टूडेंट वेलफेयर के इस्तीफे की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। दो बार स्टूडेंट काउंसिल ने स्टेज सेटअप लगाया, लेकिन अंत समय में कार्यक्रम को रद्द करवा दिया गया। रात से उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। सुबह अधिकारियों को लिखित में भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों के बारे में जानकारी भी दे दी थी, बावजूद इसके तीन घंटे तक मेडिकल करने कोई नहीं आया। उनके इस कार्यक्रम पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए। विद्यार्थियों को निराश होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि डीएसडब्ल्यू जब तक इस्तीफा नहीं देते, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। सेटअप लगाने से पहले एनओसी के लिए सूचित नहीं किया गया। अगर पहले बता दिया होता तो इतना नुकसान नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसडब्ल्यू की ओर से उन पर दबाव बनाया गया कि कार्यक्रम पीयू कैंपस में न कराकर सेक्टर-25 के ग्राउंड में करा लें।
अनुराग दलाल ने कहा-समाधान निकालने की कोशिश की जा रही
स्टूडेंट काउंसिल के प्रधान अनुराग दलाल ने प्रेस वार्ता कर कहा कि पूरे साल में 10 या 15 दिन ही स्टूडेंट सेंटर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाते हैं। स्टार नाइट रद्द होने से उन्हें भी दुख पहुंचा है। इसे लेकर अधिकारियों और वाइस प्रेसिडेंट अर्चित गर्ग से लगातार बात कर रहे हैं। भविष्य में समाधान भी निकलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के अकादमी तनाव को कम करते हैं। इसके साथ ही ओपन स्टेज पर प्रस्तुति देने से उत्साह भी बढ़ता है।
पुसू ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ (पीयूएसयू) के कार्यकर्ता डीएसडब्ल्यू कार्यायल को ताला लगाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा कि पीयू पिछले छह महीनों में छात्रों के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में विफल रहा है। यूनियन के प्रधान भूपिंदर सिंह, कैंपस प्रधान अमित बंगा और छात्रा नितिका ने कहा कि होली पर छात्राओं को उनकी मर्जी के बिना रंग लगाया गया। कई छात्राओं से छेड़छाड़ हुई। ऐसे लोगों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती। यदि स्टूडेंट्स अपनी आवाज को उठाते हैं तो उन्हें पुलिस की मदद से रोक लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अर्जन ढिल्लों और गुरदास मान की स्टार नाइट को रद्द करने के पीछे पीयू अधिकारी सुरक्षा न होने का तर्क दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी किसी इवेंट में भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पा रही है तो वह 17000 स्टूडेंट्स की सुरक्षा कैसे करेगी। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग उठाई। इस मौके पर पुसू के कुणाल दहिया, गुरकरण और संघ के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।