चंडीगढ़। भूख और परेशानी क्या होती है, इसे मुझसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। इसलिए कोई भूखा न रहे इसकी कोशिश हमेशा से रहती है। अभी तो और गंभीर संकट का समय है। अपने लोगों को भूखा कैसे छोड़ सकते हैं। यह कहना है सुनील गुप्ता और उनके परिवार के लोगों को।
सुनील गुप्ता ने कहा कि जब चंडीगढ़ आए थे तो पत्नी के साथ भूखा भी रहा। काफी परेशानी सही। सुनील गुप्ता चंडीगढ़ विकास महासंघ के अध्यक्ष हैं। दिहाड़ीदार मजदूर से व्यापारी और होटल मालिक बने गुप्ता का पूरा परिवार लोगों को खाना पहुंचाने में लगा है। परिवार के लोग खाना बनाने और उसे पैक करने में पूरा सहयोग करते हैं। लोगों के मन पसंद का खाना तैयार अपने घर में करवाते हैं और उसे बंटवाते हैं। यह काम 28 मार्च से लगातार चल रहा है। उनका कहना है कि जब तक लॉकडाउन रहेगा तब तक खाना खिलाते रहेंगे।
मौलीजागरां कांप्लेक्स, इंडस्ट्रियल एरिया, विकास नगर पार्ट 2 सुंदर नगर, दीप कांप्लेक्स हल्लोमाजरा, सेक्टर-26 बापूधाम कॉलोनी, रेलवे स्टेशन पंचकूला के झुग्गी में 28 मार्च से हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि लोग सुरक्षित अपने घर में रहे और चंडीगढ़ से पलायन ना करें।
इस काम में सुनील गप्ता की पत्नी और गांव दड़वा की पूर्व पंचायत मेंबर ललिता देवी ललिता देवी, बेटी सोनिया गुप्ता बीए थर्ड ईयर की छात्रा हैं। बेटा शशि गुप्ता सिविल इंजीनियरिंग का छात्र है। बेटी काजल गुप्ता 12वीं क्लास में पढ़ती है। ये सभी 28 मार्च से ही खाना पैकिंग, मिठाई, नमकीन पैकिंग में सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक लगी रहती हैं।
बेटा शशि गुप्ता गांव दड़वा में घर-घर जाकर खाना पहुंचा रहे हैं। बेटा सुबह दस बजे से लेकर रात नौ बजे तक सेवा में जुटा है। पत्नी ललिता देवी का कहना है कि हम सब परिवार का कैसे दिन निकल जाता है पता ही नहीं चलता है।