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गुड़िया मर्डर केस : मोबाइल कंपनी के नोडल ऑफिसर के क्रास एग्जामिनेशन

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चंडीगढ़। जिला अदालत में मंगलवार को शिमला के चर्चित गुड़िया मर्डर केस में आरोपी सूरज सिंह की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सुनवाई हुई। शिमला के एयरटेल के नोडल ऑफिसर दविंदर वर्मा ने अदालत में पेश होकर क्रॉस एग्जामिनेशन करवाया। दविंदर वर्मा से तीन आरोपियों आईजीपी जाहुर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी और ठयोग डीएसपी मनोज जोशी की कॉल डिटेल की लोकेशन और टावर से संबंधित 20 से ज्यादा सवाल पूछे गए। उनके जवाब को कोर्ट में रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जैदी और जोशी की लोकेशन 18 जुलाई को शहर से बाहर की है। 18 जुलाई की रात को मनोज जोशी की डीबी नेगी के साथ और जोशी की जैदी केसाथ कोई बातचीत नहीं हुई है। उनके अलावा अन्य सभी आरोपियों को भी जेल अथॉरिटी ने अदालत में पेश किया। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी। अगली सुनवाई पर गवाह आशीष चौहान और गौरी दत्त के बयान रिकॉर्ड किए जाएंगे।
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यह है मामला
4 जुलाई 2017 को शिमला से 58 किलोमीटर दूर कोटखाई के एक स्कूल की स्टूडेंट लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। एसआईटी ने एक स्थानीय युवक समेत पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था, लेकिन कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजीपी जाहुर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया गया। इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।
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