पीजीआई, एम्स और मेदांता के सहयोग से चार को मिली नई जिंदगी
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पीजीआई, एम्स और मेदांता के जबरदस्त समन्वय से चार मरीजों को नया जीवन मिला है। पीजीआई ने ब्रेन डेड पेशेंट के लिवर, किडनी और दिल को सुरक्षित निकाला। इसके बाद विशेष विमान की मदद से पहले दिल को गुड़गांव भेजा गया। फिर लिवर को भी विमान से एम्स भेजा गया। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि दोनों अंग जरूरतमंद लोगों में ट्रांसप्लांट कर दिया गया है।
पीजीआई के मुताबिक हिमाचल के कांगड़ा जिले का रहने वाला 40 वर्षीय प्रदीप 17 मार्च को खाई में गिर गया था। सिर में गहरी चोट के बाद वह कोमा में चला गया। उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। 18 मार्च को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर ने आर्गन डोनेशन के लिए प्रदीप की पत्नी से बात की और वह राजी हो गईं। उसके बाद पीजीआई ने उन मरीजों को ढूंढना शुरू किया, जिसकी मैचिंग प्रदीप के अंगों से मिल जाए। यहां लिवर और हार्ट की मैचिंग का कोई भी मरीज नहीं मिला। हालांकि किडनी के मरीज पीजीआई में ही मिल गए।
पीजीआई स्थित रीजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (रोटो) ने हार्ट और लिवर की मैचिंग के पैरामीटर की सूचना नई दिल्ली स्थित नोटो (नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन) को दी। नोटो ने तलाश की तो मेदांता में हार्ट और एम्स में लिवर का पेशेंट मिल गया। मरीज मिलते ही पीजीआई में तैयारी शुरू कर दी गई। मेदांता ने सूचना दी कि वे सुबह अपना विशेष विमान लेकर पहुंच जाएंगे।