चंडीगढ़। भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) ने वीरवार को इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2021 जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ के ग्रीन कवर (हरियाली क्षेत्र) में करीब चार फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह चंडीगढ़ के पर्यावरणप्रेमियों के लिए खुशखबरी है।
वर्ष 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में कुल ग्रीन कवर एरिया 46.25 फीसदी था, जो दो साल में बढ़कर 50.05 फीसदी पहुंच गया है। इसी तरह वर्ष 2017 की रिपोर्ट में चंडीगढ़ का कुल ग्रीन कवर एरिया 41.11 फीसदी था। इससे साफ है कि चंडीगढ़ में हरियाली का क्षेत्र बढ़ा है। जंगल और सड़क के किनारे लगे पेड़ों की संख्या में इजाफा हुआ है। पर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि शहर में जिस तरह से विकास कार्यों का दबाव है, उस हिसाब से सिटी के ग्रीन कवर का बढ़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट हर दो साल बाद आती है, जिसका मकसद यह बताना होता है कि भारत के राज्यों व केंद्र शासित राज्यों में हरियाली की स्थिति क्या है। सोमवार को इस रिपोर्ट को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपिंदर यादव ने जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल क्षेत्रफल में वन क्षेत्र की हिस्सेदारी 24.62 प्रतिशत हो गई है। इस रिपोर्ट में चंडीगढ़ के बारे में भी ब्योरा दिया गया है।
दो साल में बढ़ा 2261 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र
बता दें कि देश में पिछले दो सालों में वन क्षेत्र में 2,261 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जारी की गई रिपोर्ट 2021 के अनुसार वन क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा वन क्षेत्र मध्य प्रदेश में है। इसके साथ वन क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश में देखी गई है। जहां 647 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरे नंबर पर तेलंगाना है और तीसरे स्थान पर ओडिशा है। 17 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों का भौगोलिक क्षेत्र 33 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र है।