हरियाणा में बच्चों के लिए गुणात्मक शिक्षा को बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्त अध्यापकों को पुन: रोजगार नीति के तहत पैनल पर रखा जाएगा।
इन अध्यापकों को नियमित अध्यापकों द्वारा विभिन्न प्रकार की छुट्टियां लिए जाने के दौरान स्कूलों में लगाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि नियमित अध्यापकों द्वारा हाफ-पे लीव, कम्यूटिड लीव, अरंड लीव और स्टडी लीव आदि तथा महिला अध्यापकों द्वारा छह महीने की मैटरनिटी लीव और दो साल की चाइल्ड केयर लीव के दौरान सेवानिवृत्त अध्यापकों को पुन: रोजगार नीति के तहत पैनल पर रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह पैनल प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में तैयार किया जाएगा और एक अप्रैल शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च के लिए होगा।
उम्मीदवार केवल एक जिले के लिए ही आवेदन कर सकता है। इन अध्यापकों का पैनल सेवानिवृत्त कर्मचारी की वरिष्ठता के अनुसार तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी अपने जिले में विभिन्न विषयों के पीजीटी अध्यापकों का पैनल को तैयार करेगा, जबकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पीआरटी, टीजीटी और सी एंड बी भाषा के अध्यापकों का पैनल तैयार करेगा।
उन्होंने बताया कि इन अध्यापकों को सरकार की तर्ज पर दिए जाने वाली पे तथा पे बैड और ग्रेड पे एंट्री लेवल पर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अध्यापकों की अधिकतम आयु 65 वर्ष तक होगी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सूचना डाटाबेस प्रणाली को भी तैयार किया जाएगा, जिसमें स्कूल की मांग को साइट पर डाला जाएगा और डाटाबेस स्कूल इन्फार्मेशन साइट से लिंक होगा, जिसमें कक्षानुसार और विषयानुसार अध्यापकों और छात्रों की जानकारी होगी।
इस प्रणाली के माध्यम से स्कूल की मांग की जांच उपलब्ध हो सकेगी और संबंधित की अतिरिक्त सहायता की जा सकेगी। इसके अलावा, आसपास के स्कूल में सरप्लस टीचिंग स्टाफ को उपलब्ध करवाया जा सकेगा।