सीएम बादल को सिरोपा भेंट करने से इंकार करने वाला ग्रंथी
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श्री हरमंदिर साहिब माथा टेकने पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सिरोपा भेंट न करने वाले ग्रंथी बलबीर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पत्रकारों के साथ बातचीत में ग्रंथी बलबीर सिंह ने कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण तबादला किया गया, इसलिए अब वह और सेवा नहीं करेंगे। तबादला एसजीपीसी ने नहीं किया, बल्कि मुख्यमंत्री के दबाव में कार्रवाई की गई।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अरदासिया बलबीर सिंह को लुधियाना के पास श्री माछीवाड़ा साहिब स्थित गुरुद्वारा चरणकंवल साहिब स्थानांतरित कर दिया था। ग्रंथी का कहना है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल या उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल से कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है। सिर्फ इस बात का मलाल है कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट करने से इंकार किया। इससे पहले बलबीर सिंह इसी साल 20 जनवरी को स्वर्ण मंदिर पहुंचे सुखबीर बादल को भी श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को लेकर सिरोपा देने से इंकार कर चुके थे।
एसजीपीसी अधिकारियों के हस्तक्षेप के बावजूद सिरोपा देने से इंकार करने वाले ग्रंथी बलबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए ऐसा किया। यह सब ईश्वर ने करवाया है। क्या उन्होंने मौके पर मुख्यमंत्री को इस संबंध में अवगत करवाया था? इस पर ग्रंथी ने कहा कि उन्होंने बादल से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका मकसद सारी संगत के सामने आ गया।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सिरोपा न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। बादल सिखों के जाने-माने पंथक शख्सियत हैं। उन्हें सिरोपा न देना गलत है। इसी कारण एसजीपीसी ने कार्रवाई करते हुए ग्रंथी को स्थानांतरित किया है।
- जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़, अध्यक्ष एसजीपीसी