बाद में परिजन मृतक बुर्जुग के शव को वापस घर ले आए। उधर, मृतक की बहन ने अपने भाई देसराज की मौत को हत्या बताते हुए शक जताया। इसी शक के आधार जांच कर रही पुलिस ने जब मोहिंद्र ,उनके बेटे ऋषि व बहू सीमा से वह कपड़ा मांगा, जिससे देसराज ने फंदा लगाया था। तो वे सभी गोलमोल जबाब देने लगे।
पुलिस ने घर की भी तलाशी ली। लेकिन तब भी वह कपड़ा बरामद नहीं हुआ। जिसके बाद पुलिस ने घर पर रखे शव को अपने कब्जे में लिया और उसे लेकर जीएमएसएच-16 पहुंची। वहां एग्जामिनेशन के दौरान डॉक्टरों को मृतक की शर्ट की जेब से एक छोटी पर्ची मिली। जिसमें लिखा था कि 'सीमा व ऋषि मेरी मौत के जिम्मेवार हैं...मुझे बहुत दुख है'। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्जकर उन्हें काबू किया।
बुजुर्ग करता था कपड़े इस्तरी करने का काम, शर्मिंदगी महसूस करते थे परिजन
उधर, पुलिस की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि परिजन बुजुर्ग देसराज कपड़े इस्तरी करने के काम से शर्मिंदगी महसूस करते थे। पोते और बहू दोनों उससे यह काम छुड़वा भी दिया था। जिसके बाद से लगातार देसराज परेशान रहने लगा।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही देसराज की मौत के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा। उधर, शुक्रवार को आरोपी सीमा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि आरोपी ऋषि (21) से पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।