किसानों का पंजाब बंद (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संभवत: देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी ग्राम सभा ने केंद्र सरकार के विधेयकों के खिलाफ प्रस्ताव पास कर उसे मानने से इनकार कर दिया है। पंजाब के मानसा जिले के गांव झंडा खुर्द ग्राम सभा ने शुक्रवार को कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रस्ताव पास कर उन्हें मानने से इनकार कर दिया।
ग्राम सभा ने किसानों के आंदोलन को भी पूरा समर्थन दिया है। 'पिंड बचाओ पंजाब बचाओ' के समाजसेवी प्रो. बिक्करजीत सिंह साधूवाला ने लोगों से बातचीत कर प्रस्ताव पारित करवाया। यह संस्था पिछले कई साल से ग्राम सभाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। प्रो. साधूवाला ने बताया कि ग्राम सभा का प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट में भी मान्य है।
बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों का पंजाब के किसान जोरदार विरोध कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार इन विधेयकों को वापस लें। इसी को लेकर शुक्रवार को पंजाब बंद भी रहा। इस दौरान पूरे प्रदेश में जगह-जगह किसानों ने जाम लगाया। हर जगह बंद का व्यापक असर देखने को मिला तो वहीं किसानों के साथ-साथ कर्मचारी और व्यापारी भी इस आंदोलन में कूद पड़े।
अकाली दल, आम आदमी पार्टी और सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी केंद्र के इन विधेयकों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वहीं इन विधेयकों के विरोध में अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय कैबिनेट से अपना इस्तीफा दे दिया था। अब पंजाब की ग्राम सभाएं भी इस मुद्दे पर मुखर होती नजर आ रही हैं।
इसे भी देखें: हमारे चैनल को सब्सक्राइब भी करें-