पंचकूला में उपद्रवियों को पनाह देने में गोविंद ने रची थी साजिश
धारा-144 लागू होने के बाद भी पंचकूला में लाखों डेरा समर्थकों को पनाह देने के पीछे गोविंद का हाथ माना जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के दूसरे जिलों से आने के बाद हजारों की संख्या में जीरकपुर से पंचकूला के अलग अलग हिस्सों में उपद्रव मचाने की नापाक साजिश के साथ साथ दाखिल हुए उपद्रवियों को गोविंद ही निर्देश दे रहा था। जीरकपुर से गिरफ्तार गोविंद को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान हिंसा की साजिश में गोविंद सहित उसके अन्य साथियों की भूमिका में कुछ और अहम खुलासे होंगे।
डेरा की 45 सदस्यीय कमेटी का सक्रिय सदस्य होने के नाते गोविंद और पंजाब-हरियाणा से पहुंचने वालों को पंचकूला के अलग अलग गंतव्यों तक पहुंचने के लिए रास्ता दिखाने की प्लानिंग कर रहा था। धारा-144 के बावजूद समर्थकों की शक्ल में पहुंचे उपद्रवियों ने पंचकूला में जमकर हंगामा मचाया। 25 अगस्त को भी गोविंद हैफेड के इर्द गिर्द उपद्रवियों को मैसेज के जरिये ऑपरेट कर रहा था।
एसीपी मुकेश मल्होत्रा की अगुवाई में गठित एसआईटी ने पंजाब के जीरकपुर से गोविंद को गिरफ्तार किया। 42 वर्षीय गोविंद डेरा सच्चा सौदा की 45 मेंबर की कोर कमेटी का सक्रिय सदस्य है। 25 अगस्त को दंगे से पहले आदित्य इंसा के साथ पंचकूला पहुंचा था। गोविंद को पकड़ने के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन बार बार वह चकमा दे रहा था। इस मामले में पंचकूला के डेरा प्रधा चमकौर सिंह, कानूनी सलाहकार दान सिंह की गिरफ्तारी के बाद जीरकपुर से भी गोबिंद को भी गिरफ्तार किया गया।