चंडीगढ़। अपनी मेहनत और लगन से सेक्टर-35 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 13 बच्चों ने जेईई-मेन्स में 98 से अधिक परसेंटाइल प्राप्त किया है। विद्यार्थियों ने इसका श्रेय दो साल की निरंतर पढ़ाई के साथ अभिभावकों और गुरुजनों को दिया है। जेईई-मेन्स में शानदार प्रदर्शन करने के बाद विद्यार्थी अब जेईई-एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं।जहां जेईई, नीट जैसी परीक्षा के लिए बच्चे पूरी तरह कोचिंग पर निर्भर हो जाते हैं, वहीं सरकारी स्कूल इन विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जेईई-मेन्स के लिए पहले अटेंप्ट में भरे 931334 आवेदन पत्रों में इन विद्यार्थियों के नाम भी शामिल थे, जिन्होंने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर अपने स्कूल और अभिभावकों का नाम रोशन किया है। विद्यार्थियों ने परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए स्वयं अध्ययन को सबसे महत्वपूर्ण बताया।विद्यार्थियों ने बताया उन्होंने परीक्षा की तैयारी कैसे की, क्या रणनीति अपनाई और तैयारी करते समय उनके समक्ष आई चुनौतियों का सामना उन्होंने कैसे किया।
बिना तनाव के तैयारी करना जरूरी
जेईई-मेन्स के लिए निरंतर तैयारी करना जरूरी है और इससे भी जरूरी है कि हम बिना तनाव के हल्के मन से पढ़ाई करें। मैंने पाठ्यक्रम का निरंतर अध्ययन किया और मॉक टेस्ट हल किए। -आर्यन चुघ, 99.998 परसेंटाइल
अपनी कमजोरियों पर काम किया और स्वयं से पढ़ाई की
गणित और भौतिक विज्ञान पसंदीदा विषय होने से नए पाठ्यक्रम पढ़ने में मजा आता था। कोचिंग पर पूरी तरह निर्भर होने की जगह खुद से पढ़ाई करता था। परीक्षा के समय मैं फॉर्मूला याद नहीं रख पाता था जो मेरे लिए चुनौतीपूर्ण था। इसकी वजह से परीक्षा में काफी समय नष्ट होता था। मैंने अपने कमरे में हर जगह फॉर्मूला लगा रखे हैं ताकि परीक्षा में इन्हें भूलूं ना। -मनोभव सेठी, 99.34 परसेंटाइल
11वीं में कम अंक आने पर नहीं छोड़ी उम्मीद, शुरू से की तैयारी
11वीं में मॉक टेस्ट में मेरे अंक बहुत कम आए थे। 300 में से केवल 50 अंक आए थे। इससे निराशा हुई थी पर फिर अपनी रणनीति पर काम किया। पहले पाठ्यक्रम को विभाजित किया और मुश्किल पाठ का अध्ययन किया। इसके साथ हर ट्यूशन टेस्ट को गंभीरता से किया। कक्षा 11 से निरंतर पढ़ाई करने और अपनी कमजोरियों पर काम कर मैं जेईई-मेन्स में बेहतर परसेंटाइल ला पाया। - मनतव्य मिश्रा, 98.5 परसेंटाइल
मॉक टेस्ट का अभ्यास कर परीक्षा देना हुआ आसान
रोजाना पढ़ाई करने के साथ मॉक टेस्ट हल करने से परीक्षा की बेहतर तैयारी हो पाई। मॉक टेस्ट अर्थात अभ्यास प्रश्नपत्र हल करने से पेपर पैट्रन के बारे में जानने को मिला। रोजाना मैं 7-8 घंटे पढ़ाई करता था। इसके साथ घर और स्कूल पर मिले समर्थन से तैयारी करने में मदद मिली। अब जेईई-एडवांस के लिए अपने नोट्स से विस्तृत पढ़ाई कर रहा हूं क्योंकि इसमें विस्तार से प्रश्न पूछे जाते हैं। - सुशांत गर्ग, 98.95
खुद पर भरोसा रखना सबसे अहम
खुद पर भरोसा न हो तो सही काम भी बिगड़ जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम खुद पर भरोसा रखें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। मैंने तीनों विषयों की तैयारी के लिए बराबर समय दिया था। जहां गणित और भौतिक विज्ञान में निरंतर अभ्यास किया वहीं रसायन विज्ञान में एनसीईआरटी की दोहराई जीजान से की। परीक्षा के अंतिम दो दिन सबकुछ अध्ययन करने की जगह सिर्फ जरूरी फॉर्मूला का अध्ययन किया। -वर्याम कौर, 98.06
टेबल
छात्र का नाम परसेंटाइल
आर्यन चुघ -99.998
रोहन गुप्ता - 99.67
मनोभव सेठी - 99.34
भव्य प्रताप सिंह - 99.04
सुशांत गर्ग - 98.95
मनतव्य मिश्रा - 98.5
आशीष सचदेव - 98.48
भव्य वाधवा - 98.24
सूर्यांशु बंसल - 98.36 रक्षत
98.24 गुनतास कपूर - 98.10
सौरभ मलिक - 98.08
वर्याम कौर - 98.06