‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत 1 जनवरी से सरकारी अस्पतालों में लड़की को जन्म देने पर मां को एक खास सुविधा दी जाएगी। दरअसल बेबी किट देने की योजना फिर से शुरू की जा रही है। यह योजना 2016 से बंद है। 1 जनवरी से किट देने का फैसला मंगलवार को प्राइमरी स्वास्थ्य कमेटी की बैठक में लिया गया है।
कमेटी के चेयरमैन देवेश मौदगिल ने कहा कि यह स्कीम फिर से शुरू हो रही है। शुरुआत में 500 किट खरीदी गई हैं। एक किट का खर्च 1500 रुपये है। यह बेबी किट शहर के चार सरकारी सरकारी अस्पतालों में जन्म देने वाली बच्चियों की माताओं के सम्मान और लिंग अनुपात को ठीक करने के लिए दी जा रही है।
प्राइमरी स्वास्थ्य विभाग वापस देने का होगा निर्णय
शहर की 20 सिविल डिस्पेंसरियों को चलाने के लिए नगर निगम ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इनको प्रशासन को वापस देने के लिए नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव शुक्रवार को होने वाली सदन की बैठक में पास होने के लिए आ रहा है। प्रस्ताव चर्चा के लिए प्राइमरी स्वास्थ्य कमेटी में भी आया। कमेटी चेयरमैन देवेश मौदगिल ने अधिकारियों को कहा कि यह निर्णय सदन में ही होगा।
अधिकारियों को यह भी कहा है कि पिछले सालों में नगर निगम ने इन डिस्पेंसरियों के रखरखाव पर कितना खर्चा किया है उसकी जानकारी भी सदन में लाई जाए। मौदगिल ने कहा कि डिस्पेंसरियों में नया स्टाफ रखना और पुराने कर्मचारियों के तबादले से लेकर अन्य मामले प्रशासन के पास ही हैं। सिर्फ नाम के लिए ही प्राइमरी स्वास्थ्य विभाग नगर निगम के पास है।