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शहीद जवान के परिवार से वादा करके भूल गई सरकार, पत्नी लौटाएगी मरणोपरांत मिला राष्ट्रपति पदक

Mon, 24 Sep 2018 03:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरखौदा/सोनीपत (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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करीब नौ साल पहले अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले जवान के परिवार को सरकार ने भूला दिया। परिवार का ये दर्द एक बार फिर जग उठा है। शहीद की पत्नी ने अब मरणोपरांत मिले राष्ट्रपति पदक को लौटाने की बात कही है। मामला हरियाणा के सोनीपत जिले के थाना कलां क्षेत्र का है। यहीं  करीब नौ साल पहले देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले थाना कलां निवासी सीआरपीएफ के जवान एसआई जयपाल के परिजन आज भी तत्कालीन सरकार द्वारा किए गए वायदों को पूरा किए जाने का इंतजार कर रहे थे। 

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अब उनके सब्र का बांध टूट गया और शहीद की पत्नी ने पति को मरणोपरांत मिले राष्ट्रपति पदक को लौटाने की बात कह डाली। यह मामला थाना कलां पहुंचे सीएम मनोहर लाल के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्कालीन हुड्डा सरकार पर आरोप लगाते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया। गांव थाना कलां निवासी सुरेश बाला ने बताया कि उनके पति जयपाल सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में एसआई थे। 

वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में उग्रवादियों की घुसपैठ के दौरान हुई मुठभेड़ में वह 11 अन्य जवानों के साथ देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। पति जयपाल की शहादत के बाद गांव पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उस समय उन्हें नौकरी देने का आश्वासन दिया था। लेकिन नौ साल से अधिक समय हो गया, लेकिन ना तो प्रदेश सरकार ने उसके बच्चों को नौकरी दी और ना ही कोई सम्मान राशि मुहैया करवाई गई। 
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सुरेश बाला ने कहा कि उसने पति की शहादत पर सरकार से नौकरी की मांग की थी, लेकिन आज तक किसी सरकार ने कोई सुध नहीं ली। ऐसे में राष्ट्रपति पदक का उन्हें क्या फायदा है। वह अब इस पदक को भी वापस लौटा देगी।       

पिता की शहादत पर मिली थी जयपाल को नौकरी       
सुरेश बाला ने बताया कि उनके ससुर भी सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर नियुक्त थे। उन्होंने भी देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। जिस पर उनके पति जयपाल सिंह को नौकरी मिली थी। उन्होंने भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसे शहीद परिवार की सरकार ने अनदेखी की है।       

शहीदों पर राजनीति करना सही नहीं, हम देंगे नौकरी : सीएम       
गांव थाना कलां में नरेंद्र की शहादत पर सांत्वना देने पहुंचे सीएम मनोहर लाल से जब जयपाल के परिवार को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि शहीदों पर राजनीति सही नहीं हैं। मामला मेरे संज्ञान में आया है। शहीद परिवार को कहा गया है कि वह परिवार के एक सदस्य के कागजात उनके पास भिजवाएं। हम उसे नौकरी देंगे।

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