बच्चों को गुड टच व बैड टच की शिक्षा देने व आयु वर्ग के अनुसार सेक्स एजुकेशन के लिए पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ ने एजुकेशन मॉड्यूल तैयार कर लिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीनों को अगली सुनवाई पर यह मॉड्यूल हाईकोर्ट में सौंपने के आदेश दिए हैं ताकि उनको सत्र 2019-20 से पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सके। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए बाल यौन शोषण के मामलों पर रोक लगाने की दिशा में सुनवाई आरंभ की थी।
हाईकोर्ट ने एडवोकेट दिव्या शर्मा को एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए अदालत का सहयोग करने के आदेश दिए थे। दिव्या शर्मा ने इस दौरान सुझाव सौंपे थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने सेक्स एजुकेशन को लेकर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को मॉड्यूल तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने तीनों को आदेश दिए थे कि जो शिक्षक इस विषय को पढ़ाएं, उन्हें विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाए ताकि बच्चों की उम्र के अनुसार और सही व तकनीकी तरीकेसे उन्हें इस बारे में समझाया जा सके।
हाईकोर्ट ने कहा था कि एजुकेशन मॉड्यूल तैयार करते हुए बच्चों को तीन आयु वर्ग में बांटा जाए और उसके अनुसार उन्हें इस बारे में समझाया जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट ने कहा था कि बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया जाए ताकि उनको पता चल सके कि क्या अच्छा है और क्या बुरा। यदि उनके साथ कोई बैड टच का मामला हो तो वह अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसके बारे में बताते हुए झिझकें नहीं।