किसानों की सूची केन कमिश्नर को भेज दी गई है और भुगतान की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने पिछले दिनों सूबे के 22 जिलों के डीसी को को पत्र लिखकर मिल की संपत्तियों को अटैच कर किसानों का बकाया भुगतान करने के बारे में लिखा था।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार फगवाड़ा ने 12 सितंबर 2022 तक दी गई रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि मिल पर किसानों का लगभग 50 करोड़ 33 लाख रुपये बकाया है। मगर मिल मालिकों ने किसानों को भुगतान में कोई सहयोग नहीं दिया। इससे मिल मालिकों की जमीन, जायदाद पंजाब सरकार के माध्यम से पंजाब राजस्व एक्ट 1887 की धारा 72 को लागू कर कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में कुर्क करना जरूरी है।
डीसी ने कहा कि उपरोक्त सभी तथ्यों के आधार पर एसडीएम फगवाड़ा ने डिफाल्टर मिल मालिकों से बकाया रकम की वसूली के लिए गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा के सभी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन प्लांट, ढांचा, इमारत, यार्ड, रिहायशी क्षेत्र, वाहन, चल-अचल संपत्ति और भौतिक वस्तुओं को पंजाब सरकार के माध्यम से कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में तत्काल प्रभाव से अटैच किया है।
पंजाब सरकार गन्ना किसानों को 50 करोड़ 33 लाख रुपये के बकाया मिलों से दिलवाने की पूरी कोशिश कर रही है और यही वजह है कि सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को एक-एक पैसा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और जरूरत अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को जिला प्रशासन ने मिल मालिकों के बस स्टैंड फगवाड़ा के समीप स्थित गोल्ड जिम को भी कुर्क किया गया था।