चंडीगढ़ में नीट काउंसलिंग में देरी पर हड़ताल कर रहे जीएमसीएच-32 के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को इमरजेंसी यूनिट में काम शुरू कर दिया। वहीं, हड़ताल जारी है। इससे इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को इलाज मिलने लगा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते कोई भी सुविधा प्रभावित नहीं हुई थी। फिलहाल, इमरजेंसी के साथ अन्य यूनिटों में आने वाले मरीजों को परामर्श और इलाज दिया जा रहा है। उधर, पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की।
पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. उत्तम ठाकुर का कहना है कि हड़ताल के संदर्भ में विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा। जीएमसीएच 32 के जूनियर रेजिडेंट ने 6 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। इसमें आठ दिसंबर को उन्होंने इमरजेंसी में काम बंद कर दिया। उस दौरान सीनियर रेजिडेंट के काम संभालने के कारण ज्यादा व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई, लेकिन जूनियर के साथ सीनियर ने भी 9 दिसंबर से इमरजेंसी समेत अन्य जगहों पर काम बंद कर दिया। इससे व्यवस्था चरमरा गई।
अस्पताल की इमरजेंसी समेत अन्य यूनिटों से मरीजों को बिना इलाज के छुट्टी दे दी गई। इमरजेंसी, आईसीयू समेत कई वार्ड खाली हो गए। इसके साथ ओपीडी व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। महज 24 घंटे में इलाज न मिलने से मरीजों की हालत बिगड़ने लगी थी। मरीज के साथ ही उसके परिजन काफी परेशान थे। इस वजह से पीजीआई पर भी मरीजों का दबाव अचानक बढ़ गया था, लेकिन सीनियर रेजिडेंट के इमरजेंसी में काम पर लौटने से सभी ने राहत ली है।
रेजिडेंट डॉक्टर इमरजेंसी में काम पर लौट आए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। कोई सुविधा बंद नहीं की गई है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी के साथ कोविड यूनिट में भी काम करने के लिए सहमति जताई है। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32