इसे डॉ. निशांत सवाल, डॉ. हरगुनबीर सिंह व डॉ. तनिश मोदी ने मिलकर बनाया है। इसका परीक्षण भी कर लिया गया है। इससे पैरामेडिकल स्टाफ को कोरोना मरीजों के संपर्क में आने से बचाया जा सकता है। इस रोबोट को 8 घंटे की शिफ्ट में प्रयोग किया जा सकता है।
इससे पहले डॉ. सवाल एवं डॉ. सिंह ने अपनी टीम के साथ मोबाइल हैंड वाशिंग स्टेशन तैयार किया था। उक्त टीम के चिकित्सकों ने बताया कि उनके कुछ दोस्त इंजीनियर एवं बायोलॉजिस्ट भी हैं जिनके साथ मिलकर इस प्रकार की तकनीक को विकसित कर रहे हैं।
उक्त रोबोट को दो सर्वो मोटर्स एवं चार सेंसर से तैयार किया है। रोबोट में लगे सेंसर हेल्थकेयर प्रोवाइडर की ओर से दिए दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। रोबोट में चार किलो तक का भार रखा जा सकता है।