वेतन बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर जीएमसीएच-32 के कांट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर हड़ताल की चेतावनी दी। गुस्साए कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें सालों से पेंडिंग पड़ी हुई है।
कई बार प्रशासन को चिट्ठी भेजी, ज्ञापन दिए, मुलाकात की। लेकिन अब तक एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
सभी कर्मचारी पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपना काम कर रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद उनकी नहीं सुनी जा रही। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 25 जनवरी से सभी कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में एक हफ्ते तक काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे।
उसके बाद एक गेट मीटिंग होगी और काम न करने का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान मरीजों को परेशानी आएगी, लेकिन इसकी जिम्मेदारी संस्थान की होगी। मीटिंग में अस्पताल में कांट्रैक्ट के आधार पर काम करने वाले सभी कर्मचारी शामिल थे।
कर्मचारी नेता ओम कैलाश ने बताया कि यहां कई ऐसे कर्मचारी हैं जो 10 से 15 सालों से एक ही तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। सालों में महंगाई कहां से कहां पहुंच गई, लेकिन कर्मचारियों की तनख्वाह जस की तस है।
इससे उनमें तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बारे में कई बार शिकायत दी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने मौजूदा डायरेक्टर के खिलाफ नारेबाजी भी की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक सभी डायरेक्टर उन्हें अपना कर्मचारी मानते थे। लेकिन जब से नए डायरेक्टर आए हैं, उन्होंने कांट्रैक्ट के कर्मचारियों को अपने संस्थान का मानने से मना कर दिया। इससे भी कर्मचारी खासे नाराज हैं।
ये हैं प्रमुख मांगे
1. समान कार्य, समान वेतन।
2. कर्मचारियों को इंफेक्शन से बचाने के लिए हेपेटाइटिस-बी के इंजेक्शन लगवाना।
3. सभी कर्मचारियों को सिनियोरिटी के दायरे में लाया जाए।
4. कर्मचारियों को पूरा बोनस मिले।
5. पीएफ और ग्रेच्युटी की पूरी जानकारी देना।
6. ईएसआई की पूर्ण सुविधा का मिलना।
7. सभी कर्मचारियों को फ्री मेडिकल चेकअप।