गमाडा ने उन लोगों और संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है, जिन्होंने सालों पहले गमाडा से खुली नीलामी में ऊंची बोलियां देकर साइट्स खरीदी थीं। लेकिन, अभी तक प्रॉपर्टी की रहती किश्तें नहीं चुकाई है। गमाडा ने ऐसे 104 लोगों व संस्थाओं को नोटिस जारी किए है।
साथ ही रहती रकम तीस दिनों के अंदर चुकाने के आदेश दिए है। नोटिस में कहा है कि जो लोग रहती कीमत समय पर नहीं चुकाएंगे, उनकी प्रॉपर्टी पंजाब रीजनल व टाऊन प्लानिंग व डेवलपमेंट एक्ट 1995 की धारा 45 (3) के तहत गमाडा जब्त करेगा।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा की अकाउंट शाखा ने 15 लाख रुपये से अधिक की कर्जदार संस्थाओं और लोगों को नोटिस भेजे है। यह पहला मौका नहीं है जब गमाडा ने बकाएदारों को धन चुकाने के लिए नोटिस भेजा है। गमाडा द्वारा पहले भेजे नोटिस पर उक्त लोगों ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद आखिरी नोटिस भेजे गए हैं।
इसके बाद अब प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई होगी। गमाडा अधिकारियों ने साफ किया है कि अगर किसी ने अपनी सारी किश्तें भर दी हैं। लेकिन, नोटिस भेजा जा चुका है तो ऐसे लोग अपनी रसीदें गमाडा के अधिकारियों को दिखाकर अपना रिकॉर्ड ठीक करवा सकते हैं। वहीं, अगर कोई साइट अदालत की तरफ से स्टे के अधीन है या कैंसिल हो गई है तो उस पर यह यह आदेश लागू नहीं होंगे।
28 इंस्टीट्यूशल साइट व 76 बूथ व एससीओ
गमाडा ने जिन लोगों को पेमेंट चुकाने के लिए नोटिस भेजे है। उनमें 28 इंस्टीट्यूशनल साइट हैं। इनमें कई सरकारी संस्थान, नामी स्कूल व अन्य सरकारी विभाग है। जो कि इन दिनों काफी बढ़िया स्थिति में चल रहे हैं। जबकि 76 बूथ, एससीओ और एसएसएस शामिल हैं।