देश भर में गाय अब केवल बछिया ही पैदा करेगी, इसके लिए केंद्र सरकार के पशुपालन मंत्रालय की तरफ से सीमन पशुपालकों को मुहैया करवाया जाएगा। यह बातें शनिवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहीं। वह जगरावं में पीडीएफए कैटल एंड डेयरी मेले में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि आज किसानों के हालात के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है, किसानों के लिए आज जो काम मोदी सरकार कर रही है, वही काम नेहरू सरकार के समय किया गया होता, तो आज किसानों के हालात कुछ और होते। एक समय था जब पंजाब और हरियाणा के बैलों का पूरे देश में बोलबाला होता था। आज के मशीनीकरण ने इन्हें लावारिस का दर्जा दे दिया है। इसलिए केंद्र सरकार अब पशुपालकों को ऐसा सीमन देगा, जिससे सिर्फ बछिया ही पैदा होगी। उन्होंने दावा किया आज यह सीमन 12 सौ रुपये मिल रहा है, साल 2020 में यही सीमन एक सौ रुपये में मिलेगा।
देश भर में इस समय लगभग 30 करोड़ पशु है, इसमें बड़ी मुश्किल से 10 करोड़ गाय भैसे दूध देती है। बाकी बचे 20 करोड़ पशुओं को भी कमाऊ बना दिया जाएगा। इसके लिए गोबर और गोमूत्र से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इस काम के लिए लगभग एक साल का समय लगेगा। पहले की सरकारों ने किसानों की इन समस्याओं पर गौर किया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने किसानों को मिलने वाली सब्सिडी को एक सरकारी लालच बताते कहा कि आज किसान इस चक्र में फंस चुका है। किसानी सब्सिडी से नहीं बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने पर कामयाब होगी।
‘फसली चक्र से बाहर निकल डेयरी कारोबार से जुड़ें’
जगरावा। डेयरी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को लेकर शनिवार 14वां अंतर्राष्ट्रीय पीडीएफए डेयरी एंव कृषि एक्सपो शुरू हुआ। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह, पंजाब फार्मर कमीशन के चेयरमैन अजयवीर जाखड़ व पीडीएफए प्रधान दलजीत सिंह किया।
केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि पीडीएफए 14 साल से डेयरी कारोबार को बढ़ाने के लिए विशेष काम कर रहा है। अगर किसान खुशहाल होगा, तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने पंजाब के किसानों को धान और गेहूं की फसली चक्र से बाहर निकलने के लिए डेयरी को अपनाने और खेतों में हरे चारे की खेती करने के लिए कहा।
चेयरमैन अजयवीर सिंह ने कहा कि पीडीएफए पंजाब के किसानों को डेयरी के साथ जोड़ने में काफी स्तर पर कामयाब रहा है। पीडीएफए प्रधान दलजीत सिंह ने कहा कि बीते दो साल में डेयरी कारोबार में काफी मंदी के दौर चल रहा है।
इससे डेयरी कारोबार दस साल पिछड़ गया है। सरकार को भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए दूध के दाम को लेकर कोई ठोस नीति बनानी होगी। इसके लिए अलग से फंड भी रखना चाहिए। इस मौके पर राजपाल सिंह, बलविंदर सिंह, परविंदर सिंह, सरपंच सुखपाल सिंह, दर्शन सिंह व सिकंदर सिंह सहित भारी संख्या में पशुपालक पहुंचे।