हरियाणा के 14 शहरों के लिंगानुपात में कमी दर्ज की गई है। वहीं, जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) में पिछले साल की तुलना में एक अंक की भी गिरावट आई है। 2023 में प्रति एक हजार लड़कों पर 916 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया है, जबकि 2022 में 917 था। हालांकि 2021 में यह आंकड़ा 914 था। मगर पुराने आंकड़ों को देखे तो 2019 में 923 पहुंच गया था। राष्ट्रीय स्तर की तुलना में भी हरियाणा का लिंगानुपात काफी पीछे है। राष्ट्रीय औसत 933 है। कम होते लिंगानुपात पर सरकार गंभीर है। सरकार की ओर से सभी उपायुक्तों को निगरानी बढ़ाने और नजर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
2023 में जिन शहरों के लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है, उनमें फतेहाबाद, नूंह, सिरसा, यमुनानगर, जींद, कैथल, पानीपत, अंबाला, चरखी दादरी, सोनीपत, महेंद्रगढ़, रोहतक, करनाल और भिवानी शामिल हैं। वहीं, गुरुग्राम, पलवल, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी और झज्जर में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल प्रदेश में कुल 5,50,465 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें 2,87,336 लड़के और 2,63,129 लड़कियां शामिल थीं। एसआरबी के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सबसे ज्यादा गिरावट वाले पांच ऐसे शहर हैं, जिनका लिंगानुपात 900 से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें सबसे खराब स्थिति रोहतक की है। 2022 में रोहतक का लिंगानुपात 936 था, जो 2023 में घटकर 883 रह गया। 53 प्वाइंट की गिरावट है।
वहीं, दूसरा शहर चरखी दादरी है। 2022 में लिंगानुपात 933 था, जो 2023 में 897 रिकॉर्ड किया गया। महेंद्रगढ़ का लिंगानुपात 887 दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 907 पर था। सोनीपत का लिंगानुपात 2022 में 894 था, जो 2023 में 898 रिकॉर्ड हुआ। वहीं, अंबाला में 15 प्वाइंट की गिरावट के साथ 919 रिकॉर्ड हुआ।