पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि सहायक सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह और दलविंदरजीत सिंह की हत्या और नशा तस्करी के मामलों में दोनों अपराधियों की तलाश थी। जयपाल 2014 से फरार था। इस दौरान उसने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। वह 25 से ज्यादा सनसनीखेज आपराधिक मामलों में वांछित था।
जयपाल पाकिस्तान स्थित प्रमुख ड्रग तस्करों के साथ मिलकर सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी भी करता था । डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने ओपी-जैक मैनहंट नाम से ऑपरेशन कोड शुरू किया और फरार ड्रग तस्कर जयपाल भुल्लर और जसप्रीत सिंह को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों को अन्य राज्य पुलिस बलों की मदद लेते हुए विभिन्न राज्यों में भेजा गया था।
पंजाब पुलिस के पहुंचने से पहले कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि सूचना मिली थी जयपाल और जस्सी कोलकाता में किराये के अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पंजाब पुलिस ने तुरंत विमान से कोलकाता के लिए एक विशेष टीम भेजी। इस बारे में कोलकाता पुलिस से भी संपर्क किया। इसी बीच कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दोपहर बाद सूचना दी कि एसटीएफ कोलकाता की जवाबी फायरिंग में दोनों अपराधी मारे गए हैं। इस कार्रवाई में एक पुलिस निरीक्षक भी गोली लगने से घायल हो गया। इसके लिए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कोलकाता पुलिस का आभार जताया है।
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने बुधवार को ही भारत कुमार निवासी साहनेवाल लुधियाना को शंभू बॉर्डर के पास गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से पुलिस टीम ने एक वाहन, .30 बोर पिस्तौल बरामद किया। उन्होंने बताया कि भारत, जयपाल भुल्लर का करीबी है। आरोपी जयपाल और जस्सी के पंजाब से भागने के बाद मप्र के ग्वालियर में रसद मुहैया करा रहा था।
कोलकाता में मारे गए गैंगस्टर जयपाल फिरोजपुरिया के पिता पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर थे। समय ने ऐसी करवट ली कि एक पुलिस इंस्पेक्टर का बेटा जुर्म की दुनिया में कूद पड़ा। जयपाल के खिलाफ देशभर में करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जयपाल पंजाब के फिरोजपुर जिले के दशमेश नगर का रहने वाला था। उसका दूसरा नाम मनजीत था। उसने विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरियां की मौत के बाद गैंग की कमान संभाली थी।
सुक्खा काहलवां हत्याकांड में था शामिल
जयपाल विक्की गौंडर का साथी रहा है और सुक्खा काहलवां हत्याकांड में शामिल था। जयपाल गैंग में फरीदकोट निवासी तीर्थ सिंह ढिल्लवां, लुधियाना निवासी बिल्ला ख्वाजके, उत्तर प्रदेश का शूटर असलम शामिल हैं। ये सभी पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी शामिल हैं।
यह है आपराधिक इतिहास
जयपाल पर करीब 50 मामले दर्ज हैं। इनमें फिरोजपुर के सेखों करमीती समेत दोहरे हत्याकांड, तरनतारन और लुधियाना में दो हत्या के मामले, लुधियाना में व्यवसायी पंकज अग्निहोत्री के घर में 60 लाख की लूट, राजस्थान के किशनगढ़ में दो करोड़ के तांबे से लदा ट्रक लूट मामला, लुधियाना का चिराग अपहरण केस और एयरटेल शोरूम में डकैती और जगरांव में दो पुलिसकर्मियों की हत्या शामिल है।
गैंगस्टर रॉकी की हत्या के बाद आया था चर्चा में
गैंगस्टर विक्की गौंडर व प्रेमा लहौरिया की मौत के बाद गैंगस्टर जयपाल ने गिरोह की कमान संभाली। इसी के आदेश पर गिरोह काम करता था। जयपाल उस समय चर्चा में आया था जब उसने फाजिल्का के नेता व गैंगस्टर रॉकी की हिमाचल के परवाणु में हत्या की थी। हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए उसने अपने फेसबुक पेज पर वारदात वाली फोटो भी शेयर की थी। सोलन में चश्मदीद परमपाल पाल और हरप्रीत सिंह के बयान पर हिमाचल पुलिस ने जयपाल व उसके गिरोह पर हत्या का केस दर्ज किया था।