नाभा जेल ब्रेक कांड मामले में वांटेड गैंगस्टर सुखचैन सिंह उर्फ सुखी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब पुलिस ने बुधवार को उसे नाभा-संगरूर रोड पर छीटांवाला के पास नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि उसके पास से लूटी गई एक कार, एक पिस्तौल, एक रिवाल्वर, 630 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इंटेलीजेंस विंग के क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट की ओर से की गई है। गैंगस्टर मानसा का रहने वाला है।
एआईजी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि इंस्पेक्टर शमिंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस पार्टी की ओर से सूचना के आधार पर नाभा-संगरूर रोड पर छीटांवाला के पास नाकाबंदी की गई थी। जहां हरियाणा के नंबर वाली कार को रोककर चेकिंग की गई, तो कार में गैंगस्टर सुखचैन सिंह सवार मिला। उसे तत्काल गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने एक 30 बोर का देसी पिस्तौल, एक लाइसेंसी रिवाल्वर 32 बोर और 630 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया।
कार डीलर को गोली मारकर लूटी गई थी कार
छीनी गई कार बरामद
- फोटो : file photo
पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर सुखी ने यह कार 13 मार्च 2017 को पातड़ां के इलाके में एक कार डीलर को गोली मारकर जख्मी करते हुए छीनी थी। बाद में कार पर उसने हरियाणा का जाली नंबर लगा लिया था। पुलिस की ओर से बरामद किए गए पिस्तौल व रिवाल्वर भी उसकी ओर से अपने साथियों के साथ मिलकर बठिंडा के नंदगढ़ इलाके में छीने गए थे।
गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों का साथी है सुखी
चौहान ने बताया कि गैंगस्टर से पूछताछ दौरान सामने आया है कि वह गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों का साथी है और वह उसके साथ साल 2014 में बठिंडा जेल में बंद होने के वक्त से संपर्क में है। वहां बंद रहे अन्य गैंगस्टरों और अन्य कई भगौड़े गैंगस्टरों के साथ भी सुखी के संबंध हैं।
सुखी ने ही नाभा जेल में दाखिल होते वक्त की थी अंधाधुंध फायरिंग
नाभा जेल
सुखी ने नाभा जेल ब्रेक कांड में अह्म भूमिका निभाई थी और जेल में दाखिल होते वक्त अंधाधुंध फायरिंग की थी। सुखी साल 2016 में एक फौजदारी मामले में संगरूर जेल से जमानत पर बाहर आया था। इसके अलावा सुखी के खिलाफ डकैती, लूट व इरादा कत्ल के दर्जनों मामले संगरूर, बठिंडा, पटियाला व सिरसा (हरियाणा) में दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
इसके अलावा सुखी ने पंजाब से एक मारुति सियाज और स्विफ्ट डिजायर कारें भी लूटी थीं। सियाज कार को छीनते समय ड्राइवर को उसने जख्मी भी कर दिया था। 27 नवंबर 2016 को नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में कुछ हथियारबंद व्यक्ति दाखिल होकर हथियारों की नोक पर गैंगस्टरों समेत छह कैदियों को भगा कर अपने साथ ले गए थे।