गवाह को जान से मारने की धमकी देने के मामले में जिला अदालत ने गैंगस्टर संपत नेहरा को बरी कर दिया। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने 28 मई 2018 को संपत नेहरा के खिलाफ आईपीसी की धारा 195ए और 506 के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन जिस गवाह की शिकायत पर पुलिस ने संपत पर केस दर्ज किया वह कोर्ट में बयान से मुकर गया। शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा कि उसे संपत का फोन नहीं आया था। ऐसे में अदालत ने संपत नेहरा को बरी कर दिया।
संपत नेहरा का केस लड़ने वाले वकील रमन सिहाग और नीरज सनसनीवाल ने बहस के दौरान कहा कि संपत को पुलिस ने झूठे केस में फंसाया है। उसने किसी गवाह को नहीं धमकाया था। वकील सिहाग ने कहा कि शिकायतकर्ता को जिस नंबर से फोन आया था, पुलिस ने उसकी डिटेल ही नहीं निकलवाई। इसके अलावा जिस दिन कॉल आया उस दिन तो संपत नेहरा जेल में था। इस सवाल पर पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था।
ये है मामला
बुड़ैल में होटल चलाने वाले मोहम्मद कलाम उर्फ आलम को 8 दिसंबर 2017 में कुछ लड़कों ने काली शूटर का नाम लेकर किडनैप किया था। किडनैपर, आलम को मोहाली के पास फेंक कर उसकी स्कॉर्पियो में भाग गए थे और दो लाख रुपये देने पर उसकी गाड़ी वापस देने की बात कही थी। वारदात के एक साल बाद आलम ने संपत नेहरा पर धमकी देने का आरोप लगाया था। आलम की शिकायत थी संपत नेहरा ने उसे फोन कर कहा कि अगर वह काली शूटर के खिलाफ गवाही देगा तो वह उसे जान से मरवा देगा।