लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य शूटरों में से एक दीपक टीनू अक्सर ही पुलिस कर्मियों के साथ सांठगांठ कर जेल के अंदर से बेखौफ होकर मोबाइल का उपयोग कर अपना नेटवर्क चलाता रहा है। यह सब टीनू हरियाणा नाम से फेसबुक पर बनी आईडी से डाली गई पोस्ट से साबित होता है। हालांकि जेल से मोबाइल पकडे़ जाने पर जेल अधिकारी हर बार अनभिज्ञता प्रगट कर देते हैं लेकिन कभी भी किसी जेल अधिकारी ने पुलिस को इस बाबत नहीं लिखा होगा कि जेल अंदर पकडे़ गए मोबाइल की गहराई से जांच करें कि किसकी सहायता से जेल में आरोपी के पास मोबाइल पहुंचा और आरोपी ने उसका उपयोग कर कौन से लोगों के साथ संपर्क किया।
फेसबुक पर बनी टीनू हरियाणा नामक की आईडी में आरोपी दीपक ने अपनी फोटो लगा रखी है। वर्ष 2016 और 2017 के दौरान जब वह एक जेल में बंद था तो उसने अपने अन्य बंदी साथियों के साथ जेल के अंदर की अपनी सेल्फी खींचकर फेसबुक पर पोस्ट की थी। वहीं मानसा पुलिस हिरासत से फरार होते समय भी दीपक के पास एक बड़ा मोबाइल फोन था। जिससे वह अपनी प्रेमिका और अन्य साथियों के साथ लगातार संपर्क कर रहा था। इस बारे में सीआईए प्रभारी प्रितपाल सिंह को भी पता था।