चंडीगढ़ जिला अदालत में वीरवार को ऑटो गैंगरेप मामले के दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। सजा का एलान 13 अगस्त को किया जाएगा। इस दौरान एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पूनम आर जोशी ने दोषी इरफान के खिलाफ केस में 376 ई की धारा शामिल करने की अर्जी मंजूरी दे दी। इसके बाद दोषी इरफान पर धारा 376ई के तहत आरोप तय हो गए हैं।
बुधवार को पीड़ित पक्ष के वकील ने केस में धारा 376 ई शामिल करने की एप्लीकेशन दायर की थी। ऐसे में अब यह तय है कि दोषी इरफान को आजीवन कारावास या फांसी में से कोई एक सजा हो सकती है। सजा का फैसला कोर्ट ने 13 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया है। दोषी मोहम्मद इरफान जिला आंबेडकर नगर (पीयू) और दोषी कमल हसन सीमापुरी, दिल्ली का रहने वाला है। आरोपियों पर पहले ही आईपीसी की धारा 376 डी, 376 (2जी) और 506 के तहत आरोप तय हो चुके हैं।
क्या है धारा 376 ई
जिस आरोपी को रेप मामले में पहले ही धारा 376 के तहत सजा हो रखी हो, उस पर धारा 376 ई लगाई जाती है। 2013 में निर्भया रेप केस के बाद यह संशोधन किया गया था कि यदि एक आरोपी अपराध को दोहराता है तो उस पर आईपीसी की धारा 376 ई लगाई जा सकती है। इस धारा के लगने पर दोषी को कम से कम आजीवन कारावास और फांसी भी हो सकती है।