आज 2 अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। भले ही आज वे इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हरियाणा की माटी में आज भी उनकी खुशबू आती है।
वह देश की आजादी के बाद भी कई बार हरियाणा में आये और लोगों को एकजुट रहने की सीख देकर गए। गुड़गांव के घासेड़ा में मेव को शांति बरतने के लिए कहा गया तो पानीपत में जाकर मुस्लिमों को पाक जाने से रोका।
जब बापू की हत्या कर दी गई तो रोहतक के लोग भी गम में डूब गए और काला झंडा लहराया गया। इन स्मरणों का जिक्र गांधी जी के करीबी रहे पं. श्रीराम शर्मा की किताब में है, जो आज भी रेलवे रोड के पास आश्रम में मौजूद है।
आजादी से पहले तो गांधी जी पूरे देश में जगह-जगह गए, लेकिन हरियाणा में आजादी के बाद भी वे दो बार आये। वे दोनों बार लोगों को शांति भाईचारा बनाकर रहने की सीख देकर गए। इस तरह के स्मरणों का गांधी जी के करीबी रहे झज्जर के पं. श्रीराम शर्मा की स्वयं लिखित किताबों में जिक्र है।