पंचकूला। ऑनलाइन गेमिंग एप और शेयर बाजार में ग्रुप बना ट्रेडिंग का झांसा देकर पैसे गंवाने के बाद युवा लगातार तनाव में आ रहे हैं। इसके चलते उन पर तनाव हावी हो रहा है और उन्हें अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। मनोरोग चिकित्सक के पास काउंसलिंग के लिए आने वाले मरीजों का आंकड़ा बता रहा है कि ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग से पैसे कमाने का सपना युवाओं के लिए घातक साबित हो रहा है। हर माह करीब दस से ज्यादा मामले सिविल अस्पताल में आ रहे हैं। जिनकी ओपीडी में काउंसलिंग के बाद उपचार किया जा रहा है।
केस नंबर-1
सेक्टर-9 निवासी 25 वर्षीय युवक ने दो माह पहले प्ले स्टोर से एक एप डाउनलोड किया था। लालच में आकर दो महीने के भीतर चार लाख रुपये निवेश के नाम पर लगा दिए। वर्तमान में उसे कोई लाभ नहीं मिला है। उसके बाद युवक ने ब्याज पर पैसे लेकर ऑनलाइन गेम खेलने का प्रयास किया था, वह भी हार गया। कर्ज की वजह से वह तनाव में आ गया और उसे मनोरोग चिकित्सक के पास उपचार कराने जाना पड़ा।
केस नंबर-2
सेक्टर-14 निवासी 30 वर्षीय व्यक्ति ने शेयर बाजार में एप के जरिये 15 लाख रुपये लगा दिए। इसके बाद यह पैसे उनकी कंपनी लेकर भाग गई। इसके बाद उन्हें कोई पैसा नहीं मिला। अब उन्हेंं इसकी किश्त देनी होती है। इसलिए अब वह तनाव में आ गए हैं। उनकी भी काउंसलिंग चल रही है।
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मनोरोग विशेषज्ञ बोले- लालच के मकड़जाल में न फंसे, सावधान रहें युवा
सिविल अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. एमपी शर्मा ने बताया कि इंटरनेट के इस दौर में मोबाइल पर तमाम ऐसे ऑनलाइन गेमिंग एप हैं, जिन पर एक झटके में करोड़पति बनने का सपना दिखाया जाता है। गेम खेलने के लिए एडवांस बैलेंस दिया जाता है। शहरों, कस्बों के साथ गांवों में ऑनलाइन गेम का जुनून इस कदर छाया हुआ है कि युवा करोड़पति बनने का सपना देख रहा है। मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलकर समय और पैसा बर्बाद कर रहा है। रातोंरात अमीर बनने की लालसा के चलते युवाओं में मोबाइल फोन के जरिये ऑनलाइन गेमिंग की प्रवृत्ति एक बीमारी बनती जा रही है। बिना मेहनत किए शॉर्टकट रास्ते से करोड़पति बनने की चाहत आज के दौर के युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग के जरिये जुए की लत लगा रही है।
गेमिंग एप या अन्य किसी लालच देने वाली एप से बचने का प्रयास करें। कुछ एप फर्जी हैं, जो पहले लोगों को अधिक राशि कमाकर देगी और बाद में व्यक्ति लालच में आकर अपनी मेहनत की धनराशि को गंवा देता है। इस तरफ परिजनों को भी बच्चों के लिए जागरूक होने की जरूरत है। वहीं, बिना जाने शेयर बाजार के नाम पर ग्रुप में न जुड़ें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। -युद्धवीर सिंह, साइबर क्राइम इंचार्ज, पंचकूला