पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने हरियाणा कैडर के जज अनमोल सिंह नायर को बर्खास्त करने की सिफारिश की है और पंजाब कैडर के अधिकारी तरसेम मंगला को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी की अध्यक्षता में हुई फुल कोर्ट की बैठक में यह कार्रवाई करते हुए अधीनस्थ न्यायपालिका के बीच जीरो टॉलरेंस का मजबूत संदेश दिया है।
फुल कोर्ट की बैठक के दौरान हरियाणा-कैडर के अधिकारी अनमोल सिंह नायर कानूनी सेवा प्राधिकरण में सचिव के रूप में तैनात थे। उनके खिलाफ जिला जज की जांच और सिफारिश पर विचार करने के बाद फुल कोर्ट ने उन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश हरियाणा के राज्यपाल को भेज दी है। फुल कोर्ट के समक्ष दूसरा मामला पंजाब कैडर के अधिकारी तरसेम मंगला का पहुंचा था जो फरीदकोट में फैमिली कोर्ट के प्रधान जिला न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत हैं।
मंगला के खिलाफ भ्रष्टाचार व पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति बनाने का आरोप है। इन आरोपों को लेकर ईडी से जांच करवाने की मांग को लेकर याचिका भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। जिस पर हाईकोर्ट ज्यूडिशियल साइड पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक और अन्य को नोटिस जारी कर चुका है। फुल कोर्ट में उनको लेकर चर्चा के बाद उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
फुल कोर्ट बैठक में हाईकोर्ट के सभी वर्तमान जज हिस्सा लेते हैं। न्याय वितरण प्रणाली में प्रशासनिक मुद्दों और अधीनस्थ न्यायपालिका से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए आयोजित की जाती है। फुल कोर्ट की बैठक के दौरान स्थानांतरण, पदोन्नति और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे निर्णय लिए जाते हैं। किसी भी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई से पहले हाईकोर्ट अपनी विजिलेंस कमेटी से जांच करवा कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती है। इससे पहले कार्यवाहक चीफ जस्टिस रितु बाहरी की अध्यक्षता वाली फुल कोर्ट ने तीन न्यायिक अधिकारियों निलंबित किया था, जबकि दो को बर्खास्त करने की सिफारिश की थी जिससे अधीनस्थ न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और अन्य कारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जीरो टॉलरेंस का एक मजबूत संदेश भेजा गया है।