चंडीगढ़ और पंचकूला में कार्यरत हरियाणा के कर्मचारियों को आपात स्थिति में भी सरकारी अस्पतालों में ही इलाज के लिए पहुंचना होगा।
इस साल कर्मचारियों को उक्त दोनों शहरों के निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर भी कोई छूट नहीं मिलेगी। दरअसल हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2015-16 के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला के किसी भी निजी अस्पताल को अपने पैनल में शामिल नहीं किया है।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को यह सुविधा दी जाती है कि इमरजेंसी में वे पैनल में शामिल नजदीकी निजी अस्पताल में इलाज कराएं। विभाग के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के लिए यह तय किया गया है कि वे कर्मचारी का इलाज बिना एडवांस चिकित्सा खर्च लिए करेंगे और कर्मचारी के अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक चिकित्सा खर्च का भुगतान किया जा सकेगा।
कर्मचारी बाद में सरकार से चिकित्सा खर्च के बिलों का रिबंर्समेंट लेने के पात्र थे। पिछले साल तक पैनल में शामिल रहे चंडीगढ़ के निजी अस्पतालों में हरियाणा के कर्मचारियों के परिजनों को भी चिकित्सा खर्च में 20 फीसदी की छूट मिलती थी।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. डीपी लोचन ने बताया कि निजी अस्पतालों का सहयोग न मिलने के कारण इस साल विभाग ने किसी भी निजी अस्पताल को पैनल में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि गलत बिलिंग के कई मामले सामने आने के बाद विभाग ने यह फैसला किया है।