चर्चित जज नोट कांड के आरोपी संजीव बंसल और राजीव गुप्ता पर 9 करोड़ से ज्यादा की ठगी का ममला दर्ज किया गया है। दोनों पर आरोप है कि पंचकूला के सेक्टर-20 में शोरूम खरीद के सवा नौ करोड़ रुपये नहीं चुकाए।
रविवार को ही सेक्टर-20 थाने में ईओडब्ल्यू की जांच के बाद इनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और अमर उजाला सोमवार के अंक में इस ठगी को प्रकाशित भी किया था।
दर्ज केस के मुताबिक सेक्टर-7 निवासी विनोद बघई ने आरोप लगाया है कि राजीव गुप्ता, उसकी पत्नी रितु गुप्ता व राजीव के दोस्त संजीव बंसल ने मिलकर उनका सेक्टर-20 की मुख्य मार्केट में शोरूम नंबर 403 खरीदा। सौदा करीब 12 करोड़ रुपये में हुआ था।
डेढ़ करोड़ रुपया बयाने के तौर पर राजीव गुप्ता ने विनोद को दे दिया। बयाना होने के बाद रजिस्टरी का एग्रीमेंट अगस्त माह में होना तय हुआ। तय समय पर रजिस्टरी करा दी गई और विनोद को 10 करोड़ 95 लाख के पोस्ट डेटेड चैक मिल गए, जिन्हें एक माह बाद कैश कराया जाना था, लेकिन वे बाउंस हो गए।
इसके बाद विनोद ने गुप्ता से संपर्क किया और अपने पैसे मांगे। हालांकि एग्रीमेंट के मुताबिक अगर चैक बाउंस होते तो रजिस्टरी कैंसिल समझी जाती, लेकिन इस एक माह के अंदर ही शोरूम का ओसी सर्टिफिकेट गुप्ता के नाम हो गया।
कई बार संपर्क करने पर राजीव गुप्ता ने विनोद को कुल मिलाकर तीन करोड़ रुपये तो दिए, लेकिन बकाया रकम देने से इंकार कर दिया। उसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच के बाद राजीव, रितु व संजीव बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
क्या है जज नोट कांड
13 अगस्त 2008 को चंडीगढ़ से जज नोट कांड का खुलासा हुआ था। मामला चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक संजीव बंसल ने एक केस के फैसले के लिए जज निर्मल यादव के लिए 15 लाख रुपये भेजे थे। बसंल हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। इस केस में रिटायर जज निर्मल यादव भी आरोपी हैं।