हद ही हो गई, टोल टैक्स से बचने के लिए पिछले दो महीने में 2000 लोग फर्जी सिपाही से लेकर आईजी तक बन गए। पंजाब, हरियाणा और यूपी में यह मामला सामने आया। 500 यूपी और पंजाब के लोगों को भी टोल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने पकड़ा। हालांकि माफी मांगने पर अधिकतर को छोड़ दिया गया। दो मामले में ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई। टोल के अधिकारियों द्वारा एनएचएआई को भेजी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
कुछ लोग टोल टैक्स से बचने को खुद को हरियाणा, पंजाब और यूपी पुलिस का सिपाही से लेकर फौजी बताकर फर्जी आई कार्ड बनवा रहे थे। उक्त आई कार्ड को टोल के कर्मचारियों को दिखाया जाता था। दिसंबर में विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर टोल के अधिकारियों ने फर्जी आई कार्ड बनाकर टोल से बचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। टोल के अधिकारियों के अनुसार दो माह में विभाग ने कुल 2 हजार पुलिसकर्मी के आई कार्ड पकड़े ।
जिनमें 1500 आई कार्ड हरियाणा के रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, झज्जर, कैथल, फतेहाबाद के थे। जबकि 300 यूपी के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, बिजनौर, नोएडा और 200 कार्ड पंजाब अमृतसर, फिरोजपुर, बठिंडा के लोगों के रहे। जिनमें आई कार्ड दिखाने वाले लोग खुद को हरियाणा, पंजाब और यूपी पुलिस में सिपाही से लेकर आईजी तक बता रहे थे। बहादुरगढ़ में पकड़े गए एक युवक ने तो रोहतक आईजी संदीप खिरवार के नाम का फर्जी कार्ड बनाया था। हालांकि माफी मांगने पर अधिकतर के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराई गई।