एक दम्पति द्वारा मकान और दुकान खरीदने के लिए लोन लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से 20 लाख की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
दम्पत्ति ने बैंक से लोन तो ले लिया, लेकिन न तो मकान लिया और न ही दुकान। बल्कि इन पैसों को कहीं और ही खर्च कर दिए।
जब बैंक को इस धोखे का पता चला तो पुलिस में शिकायत दी गई। अब ईओडब्ल्यू में जांच के बाद सेक्टर-20 थाने में बैंक मैनेजर की शिकायत पर जीरकपुर ढकौली निवासी दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दंपति पंचकूला से फरार है। आरोपी महेशपुर में जो हार्डवेयर का बिजनेस करता था, उसमें घाटा होने के बाद वह परिवार सहित लापता हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-20 स्थित साउथ इंडियन बैंक के मैनेजर सुरंजन ने ढकौली निवासी विवेक कुवातरा व उसकी पत्नी शालिनी कुवातरा के खिलाफ शिकायत दी थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था दंपति ने मकान के नाम पर बैंक से पहले 15 लाख रुपये का एक लोन लिया। इसके बाद दूसरा लोन दुकान के लिए पांच लाख रुपये का लिया गया।
बैंक में दपंति ने किसी आर्किटेक्ट से वेल्यूएशन व पास नक्शे जमा कराए। बैंक द्वारा किए गए इंस्पेक्शन के दौरान किसी और ही जगह को दिखा दिया गया। लोन पास होने के बाद दंपति लापता हो गया।
बैंक में लोन की अदायगी के तौर पर कोई किस्त जमा नहीं कराई गई। बाद में जब धोखे का पता चला तो जांच कराई गई।
इसमें पता चला कि जिस काम के लिए लोन लिया गया था, वह पैसा उस काम में इस्तेमाल नहीं किया गया। दंपति दस्तावेजों में दिखाए पते पर भी नहीं रहता है।