चार वर्षीय बच्ची समृद्धि ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि हम घर के अंदर रहने को मजबूर हैं, कूड़े के ढेर हैं, कोई पार्क तक नहीं है। याची ने कहा कि लोगों ने जोहड़ में कूड़ा डालकर इसे कचरे का ढेर बना दिया है इसे पार्क में तब्दील किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार और म्यूनिसिपल काउंसिल नया गांव को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
बच्ची की फरियाद पर हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को यहां पर कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने के भी आदेश जारी किए हैं। याचिका दाखिल करते हुए समृद्धि ने बताया कि नया गांव में 80 हजार की आबादी रहती है लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां पार्क, प्ले ग्राउंड, पब्लिक टॉयलेट, सीवरेज, अस्पताल, लैबोरेटरी, बस स्टैंड और कम्यूनिटी सेंटर तक नहीं है।
इसके साथ ही नया गांव में खेड़ा के पास 14 कनाल क्षेत्र है जो कभी जोहड़ हुआ करता था। लोग वहां अपने पशु नहलाते थे। नया गांव के म्यूनिसिपल काउंसिल बनने के बाद लोगों ने पशु रखना बंद कर दिया और धीरे-धीरे इस गड्ढे को भर दिया गया। जब यह जोहड़ भर गया तो इसमें कूड़ा फेंका जाने लगा और यहां कूड़े का ढेर बन गया। अब इस कूड़े के ढेर के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
इस गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। बच्ची ने याचिका में दलील दी है कि इस स्थान को पार्क में विकसित किया जा सकता है जो जनहित में होगा। याची ने बताया कि इसके बारे में एमसी को रिप्रजेंटेशन भी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। याची ने अपील की कि एमसी और पंजाब सरकार को आदेश जारी किए जाएं कि इस स्थान को पार्क में परिवर्तित करें और इसमें पीने का पानी, पब्लिक टॉयलेट और झूले इत्यादि की व्यवस्था की जाए।
हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार और एमसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।