अंबाला सिटी के गांव बकनौर में बंद पड़े कुएं में रविवार को गिरे एक युवक को बचाने उतरे पांच लोगों में से पैरामिलिट्री जवान समेत चार लोगों की जहरीली गैस से मौत हो गई। कुएं में गिरे युवक को सुरक्षित निकाला गया। एक युवक को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।
गांव बकनौर के ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि युवक संजू कार चालक है।
रविवार शाम करीब 5:00 बजे वह गांव के कुएं में गिर गया। लोगों ने संजू को कुएं में गिरते देख परिजनों को सूचना दी। कुआं काफी अर्से से बंद था, इसमें दलदल और गंदगी के कारण जहरीली गैस बन गई थी। युवक के कुएं में गिरने सूचना पर छुट्टी पर आए गांव के फौजी मंजीत सिंह उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गया। मंजीत के साथ ही उसका बड़ा भाई सुरेंद्र भी उसे बचाने कुएं में उतरा। इसके बाद उनके ही परिवार के तीन और सदस्य भी युवकों को बचाने कुएं में उतरे, लेकिन जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
कुएं में उतरे युवकों में से किसी ने रेस्पॉन्स नहीं दिया तो वहां इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने गैस खत्म करने के लिए कुएं में चूना डाल दिया। उसके बाद एक युवक को कुएं में उतारा, उसने रस्सी और सरिये की मदद से बेहोश लोगों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना पर डीएसपी हेडक्वार्टर सुल्तान सिंह भी नग्गल थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने ग्रामीणों के साथ उपचार के लिए कुएं से निकाले सभी युवकों को सिटी नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। उपचार के दौरान मंजीत सिंह (28), उसके भाई सुरेंद्र (29), जयमल उर्फ सोनी (19), कमल (21) की मौत हो गई। वहीं वजीर की हालत गंभीर है। मृतक मंजीत अंबाला छावनी में पैरामिलिट्री में तैनात था। एसडीएम मीनाक्षी दहिया भी हादसे की सूचना पर ट्रामा सेंटर पहुंचीं।
30 साल से बंद था कुआं, दलदल-गैस बनी जानलेवा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का यह कुआं करीब 30 साल से बंद था और इसमें करीब 3-4 फुट पानी था। कुएं में दलदल और गंदगी के कारण जहरीली गैस बन गई थी। यही दलदल और गैस ही हादसे का कारण बनी।