पंजाब के पठानकोट जिले में एक ही परिवार के चार लोग कोयले की अंगीठी जलाकर आग सेंक रहे थे। दरवाजा बंद होने की वजह से सभी लोग जानलेवा गैस की चपेट में आ गए। जब पड़ोस के लोग उन्हें बुलाने पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर महिला, उसके पति और दो बेटों को बाहर निकाला। तुरंत सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। मामला भरोली खुर्द के वार्ड नंबर 46 का है।
पड़ोसी प्रबोध कुमार ने बताया कि सोमवार की रात सुभाष चंद्र अपनी पत्नी कमला देवी, बेटे मोनू और साजन के साथ घर में कोयला जलाकर सेंक रहे थे। घर के चारों सदस्य दरवाजा बंद होने की वजह से बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से बेसुध हो गए।
मंगलवार सुबह कुछ लोग सुभाष चंद्र के घर किसी काम को पहुंचे लेकिन घर के किसी सदस्य ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दोपहर एक बजे तक जब घर से कोई बाहर नहीं निकला तो सभी मोहल्ला वासियों ने घर का दरवाजा तोड़ा। इसके बाद देखा कि सभी सदस्य बेसुध पड़े थे। आनन-फानन सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं डॉ. मकुल जुलका ने बताया कि मोनू नाम का युवक जलते कोयले में गिरा गया था। इस वजह से उसका पैर झुलस गया है। वहीं, मोनू की माता कमला देवी की हालत गंभीर है। उन्हें रेफर कर दिया है।