वहां प्राथमिक उपचार कराने के बाद वे बच्चे को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में ले आए। यहां डॉक्टरों ने उपचार तो शुरू किया लेकिन बच्चा दम तोड़ चुका था। बच्चे की मौत से विनीत की आंखें भी भर आईं। इसके बाद वह कुंज के शव को टीकरी ले गया।
मन्नतों के बाद हुआ था कुंज
मासूम कुंज चार बहनों के बाद सबसे छोटा और इकलौता पुत्र था। विनीत के मुताबिक, बेटे के लिए उन्होंने काफी मन्नत मांगी थी। तब जाकर पांचवीं संतान के रूप में बेटा प्राप्त हुआ। लेकिन आज एक कुत्ते के काटने से उनका बेटा उन्हें छोड़कर चला गया।
जहां जन्म हुआ, वहीं मौत की पुष्टि
दरअसल, कुंज का जन्म बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में हुआ था। बुधवार को जिंदगी और मौत के बीच जूझते कुंज को एक बार फिर इसी अस्पताल में लाया गया। इसी अस्पताल में डॉक्टरों को उसकी मौत की पुष्टि करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि जिस कुत्ते ने कुंज को काटा, वह पागल था।
डॉक्टर की सलाह
यदि काटने के कुछ समय बाद ही मौत हुई तो जाहिर है, बच्चे को गहरे घाव हुए होंगे। घबराहट और रक्तस्त्राव ज्यादा होना भी बड़ा कारण है। रेबीज से तुरंत मौत नहीं होती। यदि किसी को कोई कुत्ता-बिल्ली काट ले तो उक्त हिस्से को पानी से अच्छी तरह साफ करें। एंटी सेफ्टिक लगाएं। इसके बाद डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं। गली में घूमने वाले पशुओं से बच्चों को दूर रखना चाहिए। -डॉ.गजेंद्र रोहिल्ला, पशु चिकित्सक, पशु अस्पताल बहादुरगढ़