हरियाणा सरकार द्वारा परिवहन विभाग को निजी हाथों में देने का प्रयास से कर्मचारी खफा हैं। रोडवेज कर्मचारियों की मानी हुई मांगों को लागू न करने की वजह से रोडवेज विभाग की चार प्रमुख यूनियनें एक मंच पर आ गई हैं। जिसमें आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन, रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा (हरियाणा कर्मचारी महासंघ) हरियाणा रोडवेज मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन व हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (इंटक) शामिल हैं।
मांगों को लागू कराने के लिए अब प्रदेशभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स करनाल में 5 जनवरी को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोंलेगी। तालमेल कमेटी की नेता और सीटू से संबधित आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा की अध्यक्ष देवेंद्री शर्मा और महासचिव शकुंतला ने बताया कि यूनियन पहले से ही घोषित मांगों को लागू करने की मांग कर रही है, लेकिन सरकार मामले को टाल रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 29 दिसंबर की घोषणा का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। इसके अलावा 4 साल से केंद्र सरकार की बढ़ोतरी वर्करों को 1500 रुपये और हेल्परों को 750 रुपये उसे जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने 6 मार्च 2018 को हरियाणा विधान सभा में वर्करों को कुशल-अकुशल का दर्जा देते हुए महंगाई भत्ते के साथ जोड़ने की बात की थी।