हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को 58 साल कर दिया है। पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 60 साल कर दिया था। हालांकि खट्टर सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल ही रखी है। राज्य सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया।
इसके साथ ही सरकार ने वैट में बढ़ोतरी कर डीजल के रेट में इजाफा कर दिया है, जबकि कुछ राहत देते हुए छह चुनिंदा नेशनल हाइवे से टोल टैक्स पूरी तरह से खारिज कर दिया। सरकार ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को हटाने का भी अहम फैसला लेने के साथ-साथ हरियाणा टीचर चयन बोर्ड को भी भंग कर दिया।
नई भर्ती के समय अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अलावा विकलांग और नेत्रहीन कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 साल ही रहेगी। सरकार ने कट आफ डेट इस माह की 30 नवंबर रखी है जो कर्मचारी इस समय 58 के बाद भी नौकरी कर रहे हैं उन्हें 30 नवंबर को रिटायर्ड कर दिया जाएगा।
नई भर्ती के समय उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष ही रहेगी। पिछली सरकार ने इसे 40 से बढ़ाकर 42 की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिटायरमेंट आयु 58 करने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि विशेष तौर पर युवाओं को रोजगार दिया जा सके।
डीजल में करीब ढाई प्रतिशत बढ़ा वैट
बैठक में डीजल पर वैट को 9.24 से बढ़ाकर 12.07 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे प्रदेश में डीजल का रेट 53.19 प्रति लीटर हो जाएगा। इसके लिए दलील दी गई है कि हर मास डीजल की औसत बिक्री लगभग पांच लाख लीटर है।
रिटेल मूल्य में कमी के कारण राज्य को पहली अक्तूबर, 2014 से लगभग 47 पैसे प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था जो लगभग 23.50 करोड़ रुपये प्रति माह है। बढ़ते घाटे की प्रतिपूर्ति के लिये वैट में वृद्धि का अनुमोदन किया है, जिससेलगभग 737 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
छह टोल प्वाइंट बंद होंगे
बैठक में प्रदेश की सड़कों पर छह टोल प्वाइंट्स बंद करने का फैसला लिया गया है।
इसमें मुख्य रूप से गुड़गांव-सोहाना (बादशाहपुर के निकट), बहादुरगढ़-झज्जर-दादरी-लोहारू-पिलानी सड़क (राजस्थान सीमा के निकट), सरदूलगढ़-सिरसा सड़क (पंजाब सीमा के निकट), उत्तर प्रदेश सीमा-सोनीपत-गोहाना सड़क, सोहना-नूंह-फिरोज़पुर झिरका-अलवर सड़क (राजस्थान सीमा के निकट) और नारनौल-सिंघाना सड़क (राजस्थान सीमा के निकट) शामिल हैं। टोल प्वाइंट खत्म होने के बाद अब इन सड़कों से गुजरने वाले वाहनों को कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा।