बहुचर्चित जम्मू सेक्स स्कैंडल मामले में 12 साल और 167 सुनवाई के बाद बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने बीएसएफ के पूर्व डीआईजी केसी पाड़ी, जम्मू पुलिस के पूर्व डीएसपी मोहम्मद अशरफ मीर समेत पांच को दोषी करार दिया। अन्य दोषियों में शब्बीर अहमद लवे, मसूद अहमद उर्फ मकसूद, शब्बीर अहमद लान्गू शामिल हैं। अदालत की ओर से पांचों को दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें पुलिस कस्टडी में लेने के आदेश कर दिए। अदालत ने उक्त पांचों को रणबीर पैनल कोड (आरपीसी) की धारा 376 के तहत दोषी करार दिया है।
अदालत सभी दोषियों को 4 जून को सजा सुनाएगी। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल अनिल सेठी और बिजनेसमैन मेहराजुद्दीन मलिक के खिलाफ आरोप साबित न कर पाने पर उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं, मामले में दो आरोपियों सबीना और उसके पति अब्दुल हामिद बुल्ला की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। अप्रैल 2006 में मामला उस समय चर्चा में आया, जब जम्मू-कश्मीर में एक पोर्न एमएमएस फैला था।
सबीना नामक महिला पर हाई प्रोफाइल लोगों को देह व्यापार के लिए लड़कियां सप्लाई करने का आरोप था। इस काम में उसके पति अब्दुल हामिद बुल्ला पर भी आरोप लगा था। हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच 2006 में सीबीआई को सौंप दी गई थी। साथ ही केस चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री गुलाम अहमद हसन मीर, स्वतंत्र विधायक रहे रमन मट्टू, बीएसएफ डीआईजी केसी पाड़ी, पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल अनिल सेठी, तत्कालीन डीएसपी श्रीनगर मोहम्मद मीर युसूफ, इकबाल खांडे, होटल मालिक रियाज अहमद कावा, हिलाल अहमद शाह, अबसार अहमद डार व एजाज अहमद भट्ट समेत सबीना और उसका पति अब्दुल हामिद बुल्ला आरोपी बनाए गए थे।
सीबीआई ने मुख्य केस में बीएसएफ के पूर्व डीआईजी केसी पाड़ी, पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल अनिल सेठी, जम्मू पुलिस के पूर्व डीएसपी मोहम्मद अशरफ मीर, बिजनेसमैन मेहराजुद्दीन मलिक, शब्बीर अहमद लवे, मसूद अहमद उर्फ मकसूद, शब्बीर अहमद लान्गू, सबीना और उसके पति अब्दुल हामिद बुल्ला को आरोपी बनाया था। बुधवार को मुख्य केस में अदालत ने फैसला सुनाया। अंतिम फैसला 4 जून को सुनाया जाएगा। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंटरी केस दायर किए गए थे।
अनैतिक व्यापार निवारण और आईटी एक्ट के तहत आरोप नहीं हुए साबित
सीबीआई ने जुलाई 2006 में केसी पाड़ी, अनिल सेठी, मोहम्मद अशरफ मीर, मेहराजुद्दीन मलिक, शब्बीर अहमद लवे, मसूद अहमद उर्फ मकसूद और शब्बीर अहमद लान्गू के खिलाफ आरपीसी की धारा 376, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5 और आईटी एक्ट 67 के तहत केस दर्ज किया था। अदालत ने पांचों दोषियों को केवल आरपीसी की धारा 376 के दोषी पाया। अन्य धाराओं के तहत अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।
ये लोग हो चुके हैं सप्लीमेंटरी केसों में बरी
- पूर्व मंत्री रमन मट्टू
- पूर्व मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे
- जम्मू-कश्मीर के पूर्व एसपी मोहम्मद युसूफ मीर
- इम्पीरियल होटल में वेश्यावृत्ति कराने का आरोपी उसका मालिक रियाज अहमद कावा
- पुलिस अधिकारी अबसार अहमद डार
- हिलाल अहमद शाह और गुलाम अहमद मीर