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चंडीगढ़: छह महीने पहले शिलान्यास, अब तक गवर्निंग बॉडी व दाखिला नीति तय नहीं

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चंडीगढ़। सेक्टर-31सी स्थित ग्रिड के पास खाली भूमि पर पिछले करीब छह महीने से मानसिक रूप से अक्षम लोगों के लिए स्थायी ग्रुप होम बनाया जा रहा है। अब तक प्रशासन ने इस ग्रुप होम को चलाने के लिए गवर्निंग बॉडी, दाखिले की प्रक्रिया आदि को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। इसको लेकर शहर के कई मानसिक रूप से अक्षम लोगों के परिजनों ने प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखा है और जल्द इस संबंध में फैसला लेने की मांग की है।बीते दिनों कई परिजनों ने निर्माणाधीन ग्रुप होम का दौरा भी किया था और पता करने की कोशिश की थी कि निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा। उन्हें बताया गया कि अगले कुछ महीनों में ग्रुप होम बनकर तैयार हो जाएगा लेकिन अब तक ये तय नहीं हो पाया है कि इस ग्रुप होम को कौन चलाएगा।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ग्रुप होम को चलाने की जिम्मेदारी किसी एनजीओ को दी जाएगी। एक गवर्निंग बॉडी बनेगी, जिसमें प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एनजीओ के पदाधिकारी और दिव्यांगों के कुछ परिजन होंगे। समाज कल्याण विभाग की सचिव नितिका पवार और स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग की इस संबंध में बीते दिनों एक बैठक भी हुई थी, जिसमें ग्रुप होम को चलाने और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों पर चर्चा हुई।

सबसे पहले गवर्निंग बोर्ड का गठन होना चाहिए था
सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त 79 वर्ष के सतीश कुमार ने प्रशासक को पत्र लिखकर कहा है कि वह अपने मानसिक रूप से अक्षम बेटे की देखभाल करते हैं। बड़ी चिंता यह है कि आज तक ग्रुप होम के प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। परिजन अभी तक ग्रुप होम को चलाने के लिए नोडल विभाग या शुल्क संरचना के बारे में नहीं जानते हैं जबकि अगस्त 2022 में शिलान्यास के बाद सबसे पहले गवर्निंग बोर्ड का गठन होना चाहिए था। उन्होंने अनुरोध किया है कि वह प्रशासन के अधिकारियों को बिना किसी देरी के एक गवर्निंग बोर्ड बनाने का निर्देश दें। साथ ही सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए शुल्क संरचना, दाखिला कब शुरू होगा आदि की घोषणा करें।
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25 करोड़ रुपये में बन रहा है ग्रुप होम
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने 25 जुलाई को ग्रुप होम बनाने के लिए टेंडर जारी किया था, जिसके बाद 22 अगस्त को प्रशासक ने शिलान्यास किया। 25 करोड़ रुपये की लागत से एक साल के अंदर ग्रुप होम का काम पूरा किया जाएगा। इमारत में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और दो ऊपरी मंजिल होगी। हालांकि वर्तमान आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और केवल एक मंजिल बनाने की ही योजना है। दूसरी मंजिल को भविष्य की आवश्यकता के अनुसार बनाया जाएगा। भवन का कुल क्षेत्र 88,800 वर्ग फुट होगा। इमारत में 62 कारों के लिए पार्किंग की जगह, 30 ट्विन शेयरिंग रूम, 18 सिंगल रूम, 13 सूइट जिसमें ड्राइंग रूम और अटैच्ड वॉशरूम के साथ अलग बेडरूम, पेंट्री और किचन की सुविधा होगी। इमारत में दो लिफ्ट, एसपीवी पावर प्लांट, अग्निशमन और फायर अलार्म सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
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