कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राजभवन के बाहर आकर कहा कि राज्यपाल प्रदेश की चरमराई हुई कानून-व्यवस्था का संज्ञान लें। विधायकों को धमकी मिलना ध्वस्त हो चुकी व्यवस्था का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सढौरा की विधायक रेणु बाला को धमकी मिलने के बावजूद पुलिस ने सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। वह पूरे मामले को एसपी के संज्ञान में लाया था। एनआईए या सिटिंग जज से पूरे मामले की जांच होने पर ही सच सामने आएगा। प्रदेश में जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी का क्या हाल होगा।
सैलजा ने कहा कि अपराधियों में शासन का भय होना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। सरकार पूरे मामले में मूकदर्शक बनी हुई है। हरियाणा प्रदेश में अपराध लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। हरियाणा में कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं है। सरकार को बिना देरी किए सभी विधायकों की सुरक्षा बढ़ानी चाहिए, साथ ही अपराधियों की सफाई के लिए कड़ा अभियान चलाएं।
हरियाणा में विधायक भी सुरक्षित नहीं, सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिए: हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बेरोजगारी के चलते लगातार युवा अपराध और नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी हो गई है कि प्रदेश में आम आदमी तो क्या विधायक तक सुरक्षित नहीं है। पिछले चंद दिनों में तीन विधायकों को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।
हुड्डा ने कहा कि हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। सत्ता सुख भोगने और नये-नये घोटालों को अंजाम देने के अलावा गठबंधन दलों को किसी चीज से वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी-जेजेपी सरकार के कार्यकाल में सिर्फ महंगाई, बेरोजगारी, नशे, अपराध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
विकास के नाम पर सरकार द्वारा कोरी विज्ञापनबाजी और इवेंटबाजी हो रही है। सरकारी और अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़ों से स्पष्ट हो चुका है कि हरियाणा महंगाई और बेरोजगारी में टॉप पर है। प्रदेश का युवा 30.6 प्रतिशत बेरोजगारी दर झेल रहा है। हुड्डा ने कहा कि जनता को ना प्रदेश सरकार और ना ही केंद्र से कोई राहत मिल रही है। एक बार फिर रसोई गैस के रेट में 50 रुपये की बढ़ोतरी करके सरकार ने लोगों के जले पर मिर्च रगड़ने का काम किया है। किसान के पंपसेट, डेरी उपकरणों, दूध, दही, पनीर व अन्य खाने-पीने की चीजों के टैक्स में बढ़ोतरी करके सरकार ने बता दिया है कि वह जनता को किसी तरह की राहत देने के मूड में नहीं है।