चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित निवास से 13 जुलाई को गिरफ्तार पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलिजयां के भतीजे और वकील दलजीत सिंह गिलिजयां का रिमांड खत्म हो गया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने उन्हें रविवार को विशेष अदालत में पेश किया। यहां जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एडवोकेट दलजीत सिंह को विजिलेंस की टीम ने विशेष अदालत में पेश किया। विजिलेंस ने अदालत को बताया कि पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलिजयां के खातों का हिसाब-किताब देखने के अलावा एडवोकेट दलजीत सिंह अधिकारियों के साथ होने वाली रिश्वत की रकम का ब्योरा रखता था।
उन्हें वन विभाग के अधिकारियों के सामने बिठाकर पूछताछ करनी है जिसमें कई सुराग सामने आने की संभावना है। इसके साथ ही एडवोकेट दलजीत सिंह के बैंक खातों की जांच करनी है और यह पता लगाना है कि एडवोकेट दलजीत सिंह पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलिजयां के पैसों को इधर-उधर करने के लिए किन-किन बैंकों का इस्तेमाल करते थे।
विजिलेंस की तरफ से पेश की गई हर दलील का बचाव पक्ष के वकीलों ने पुरजोर विरोध किया और कहा कि विजिलेंस पहले ही एडवोकेट दलजीत सिंह से तीन दिन के रिमांड दौरान पूछताछ कर चुकी है। इस दौरान विजिलेंस को ऐसा कोई साक्ष्य हासिल नहीं हुआ, जिसके लिए एडवोकेट दलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस के अधिकारी उन्हें इसलिए परेशान कर रहे हैं क्योंकि वह पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलिजयां के खिलाफ दर्ज केस की पैरवी कर रहे हैं।
भतीजे पर ट्री-गार्ड की कमीशन, तबादले और अवैध खनन के पैसे को ठिकाने लगाने का है आरोप
विजिलेंस की टीम ने 13 जुलाई को पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलिजयां के भतीजे व एडवोकेट दलजीत सिंह को चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित उनके निवास स्थान से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने पूर्व वन मंत्री गिलिजयां के पद पर रहते ट्री-गार्ड की कमीशन के पैसों का हिसाब-किताब रखा है। इसके अलावा विभाग में अधिकारियों के तबादलों व अवैध खनन से होने वाली कमाई के पैसों को ठिकाने लगाया है।
‘2400 के ट्री गार्ड में ली जाती थी 800 रुपये की रिश्वत’
भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार दलजीत सिंह गिलजियां ने विजिलेंस के सामने बड़ा खुलासा किया है। पूछताछ में उसने बताया है कि पौधों के ट्री गार्ड की खरीद में 800 रुपये की रिश्वत ली जाती थी। दलजीत गिलजियां ने रविवार को मोहाली कोर्ट में पेशी से पहले विजिलेंस पूछताछ में यह खुलासा किया। विजिलेंस की पूछताछ में दलजीत गिलजियां ने बताया है कि एक ट्री गार्ड 2400 रुपये में खरीदा जाता था, जिसमें से 800 रुपये रिश्वत के तौर पर दिए जाते थे। इसके लिए उसने हिसार (हरियाणा) के एक बिचौलिए बिंदर सिंह को काम पर रखा था, जो उनके लिए रिश्वत के रुपयों को लाता था।
विजिलेंस ने बिंदर सिंह को शनिवार देर शाम कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां गिरफ्तारी के बाद उसे तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक वन विभाग में धांधली और घूसखोरी मामले में सिर्फ गिलजियां का भतीजा ही सारा काम देख रहा था।