फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिद्धू के मंच से जाखड़ के बोल: मंत्री-विधायकों के नाराज होने की परंपरा बनी, पूछा- क्या ये कांग्रेस के फूफा हैं

Sat, 24 Jul 2021 03:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में पूरा पंजाब आ गया था। अगर उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह कोई और मुख्यमंत्री होता तो आज भाजपा के खिलाफ हो रहा विरोध प्रदर्शन पंजाब सरकार और कांग्रेस के खिलाफ होता।
विज्ञापन
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़। - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी के जरिए यह बताने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस में सब कुछ बेहतर है। इसी का नतीजा है कि सिद्धू से नाराज कैप्टन अमरिंदर सिंह कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी ने बयान जारी कर कहा कि पंजाब संकट हल हो चुका है। लेकिन पार्टी के नेताओं के बयान इन दावों पर समय-समय पर सवाल खड़े कर देते हैं। पार्टी में नेताओं के नाराज होने वाली परंपरा को लेकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ काफी खफा है। 

विज्ञापन


शुक्रवार को सिद्धू की ताजपोशी के दौरान सुनील जाखड़ का पारा चढ़ा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने पार्टी के नाराज मंत्रियों और विधायकों पर जमकर निशाना साधा। जाखड़ नवजोत सिद्धू को खरी-खरी सुनाने से भी नहीं चूके। अपने भाषण के दौरान जाखड़ ने कहा कि मैंने यू हीं हांडी नहीं छोड़ी। मैं दोस्ती भी खुलकर निभाता हूं और दुश्मनी भी। 

उन्होंने कहा कि कैप्टन के साथ 20 साल काम किया है और उनसे मेरा रिश्ता बहुत गहरा है। कैप्टन मेरे और मैं उनके काम से बहुत प्रभावित हूं। जाखड़ ने नाराज मंत्रियों-विधायकों को भी निशाने पर लेते हुए मंच से उनके नाम लेकर कहा कि रंधावा जी, चन्नी जी और लाल जी मेरी बात ध्यान से सुनें लेकिन बुरा न मानें। 
विज्ञापन


कांग्रेस की रिवायत बन गई है कि मंत्री-विधायक नाराज होते हैं तो उन्हें मनाने जाना पड़ता है लेकिन वे फिर नाराज हो जाते हैं। जाखड़ ने सवाल किया कि क्या ये कांग्रेस के फूफा हैं, जिन्हें बार-बार मनाया जाए? सिद्धू को संबोधित करते हुए जाखड़ ने कहा- सिद्धू मेरी बात ध्यान से सुनें। हाईकमान ने आपको यह जिम्मेदारी सोच-समझकर दी है। इस ओहदे पर पूरी ईमानदारी से काम करना।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें