गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत एवं प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ डॉ हरिओम ने उन्हें प्राकृतिक खेती की बारीकियों से अवगत कराया तो वहीं इस फार्म पर तैयार किए गए ड्रैगन फ्रूट व अमरूद का स्वाद भी पूर्व राष्ट्रपति एवं राज्यपालों ने चखा, जिसके बाद सभी ने न केवल सराहना की बल्कि प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान भी किया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति एवं उक्त सभी राज्यों के राज्यपाल गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे।
यहां उनका गुजरात के राज्यपाल एवं गुरुकुल के सरंक्षक आचार्य देवव्रत ने स्वागत किया। उन्हें गुरुकुल के घुड़सवारों की अगुवाई में मुख्य कार्यालय तक ले जाया गया। पूर्व राष्ट्रपति के साथ उनकी धर्मपत्नी सविता कोविंद, बेटी स्वाति, राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला साथ उनकी धर्मपत्नी जानकी शुक्ला भी गुरुकुल पहुंची तो वहीं उन्होंने भी प्राकृतिक खेती फार्म देखा। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि आज आधुनिक समय के दौरान कुरुक्षेत्र गुरुकुल में गुरुकुल पद्धति को देख वे हैरान रह गए। यहां वास्तविकता में ही गुरुकुल के मायने होने का आभास होता है।
इस मौके परगीता ज्ञान संस्थानम् में भी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे जहां जीओ गीता के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मार्कंडेय ऊर्जा, अशोक चावला, मदन मोहन छाबड़ा, विजय नरूला, डॉ. हिमांशु आनंद, विजय पाल, जितेंद्र ढींगड़ा एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने स्वागत किया।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की उपस्थिति में पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी धर्मपत्नी सविता कोविंद तथा बेटी स्वाति कोविंद के साथ गीता ज्ञान संस्थानम् में जीओ गीता म्यूजियम का अवलोकन किया। जीओ गीता म्यूजियम में भगवान श्री कृष्ण के विराट रूप दर्शन से संबंधित शो देखने के के पश्चात स्वामी ज्ञानानंद द्वारा पूर्व राष्ट्रपति को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की गई।