अदम्य साहस के लिए पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से अशोक चक्र हासिल करने वाले कैप्टन जसवंत सिंह बावा सिस्टम के आगे हार गए। 108 एंबुलेंस के देर से पहुंचने के चलते 80 वर्षीय पूर्व नेवी कैप्टन की शुगर बढ़ने से मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि कंट्रोल रूम में फोन करने के करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची।
पंजाब के कपूरथला के गांव धालीवाल चौक में रहने वाले हरमिंदर सिंह बावा ने बताया कि उनके चाचा पूर्व नेवी कैप्टन जसवंत सिंह बावा को अदम्य साहस और वीरता के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अशोक चक्र से सम्मानित किया था। वह शुगर से पीड़ित थे। बुधवार देर रात करीब 11 बजे शुगर बढ़ने के चलते उनकी हालत बिगड़ गई। उनको अस्पताल ले जाने के लिए घर में कोई भी साधन नहीं था इसलिए एंबुलेंस के लिए फोन किया गया।
कई बार सूचित किए जाने के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची तो उन्होंने कंट्रोल रूम पर पुलिस को भी सूचित किया। तबीयत खराब होने के करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस उनके घर पहुंची। तब तक उनके चाचा दम तोड़ चुके थे। वहीं 108 एंबुलेंस सर्विस के इंचार्ज अमित कुमार ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आ चुका है। इस मामले की जांच की जाएगी। जो भी आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।