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फिर बोले पूर्व सांसद, कहते हैं- अक्षय कुमार ने ही करवाई सुखबीर बादल और राम रहीम की मीटिंग

Sat, 08 Dec 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरनाला ( पंजाब)
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पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा के घर पहुंची एसआईटी
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड के संदर्भ में पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई एसआइटी शुक्रवार सुबह करीब

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11:15 बजे पूर्व सांसद एडवोकेट राजदेव सिंह खालसा के बरनाला निवास पर पहुंची और उनके बयान दर्ज किए। बयान दर्ज करने एसआईटी के डीएसपी विभोर किशोर और इंस्पेक्टर अनिल भनोट पहुंचे ।

उन्होंने पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा से करीब डेढ़ घंटे बात की और छह पेज के बयान दर्ज किए। एसआईटी के डीएसपी विभोर किशोर और इंस्पेक्टर अनिल भनोट ने मीडिया से किसी भी तरह की बात करने से मना कर दिया। 
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एडवोकेट खालसा ने बेअदबी घटनाओं की जांच कर रहे जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन के पास भी अपने बयान दर्ज करवाए थे। टीम के जाने के बाद एडवोकेट खालसा ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने एसआईटी को सुखबीर सिंह बादल, गुरमीत राम रहीम की मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार के बंगले में हुई मीटिंग संबंधी पुख्ता सबूत दे दिए हैं। 

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एडवोकेट खालसा ने दावा किया कि अक्षय कुमार के बंगले में सुखबीर बादल और डेरा मुखी के बीच लगभग साढ़े तीन घंटे बैठक चली। उन्होंने कहा कि इस बैठक में ही डेरा प्रमुख को माफी देने की योजना बनी व ज्ञानी गुरमुख सिंह को मौके पर बुला कर यह सारी योजना श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई। 

खालसा ने कहा कि अक्षय कुमार को अपने बिजनेस का लालच था, डेरा मुखी को अपनी फिल्म मैसेंजर पंजाब में चलवाने का लालच था, जबकि सुखबीर सिंह बादल को डेरा प्रेमियों के वोटों का लालच था। एडवोकेट खालसा ने दावा किया कि पूरे सबूतों के आधार पर ही उन्होंने सबसे पहले इस बैठक का खुलासा किया था। उन्हें सूचना देने वाला इस बैठक में उपस्थित था। 

हालांकि उन्होंने उस व्यक्ति के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया। पूर्व सांसद ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी और बहिबल कलां गोली कांड के लिए सीधे तौर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और डीजीपी सुमेध सैनी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी का नेतृत्व कर रहे पुलिस अफसर प्रबोध कुमार व कुंवर विजय प्रताप सिंह ईमानदार हैं, इसलिए आशा की जाती है कि एसआईटी की रिपोर्ट बादल को कटघरे में खड़ा करेगी। 
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