कोटकपूरा गोलीकांड में नामजद पूर्व विधायक और अकाली नेता मनतार सिंह बराड़ को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बुधवार को उनको अंतरिम जमानत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
साथ ही बराड़ को जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने बराड़ की अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दायर याचिका पर पंजाब सरकार को 23 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मनतार बराड़ ने अग्रिम जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया कि इस मामले में पहले दर्ज एफआईआर में उनका नाम ही नहीं था लेकिन इस मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस रंजीत सिंह आयोग के समक्ष अवतार सिंह के बयान के बाद उनका नाम इस घटना के तीन साल बाद शामिल किया है। इस मामले में उनके खिलाफ गत वर्ष 7 अगस्त को कोटकपूरा सिटी पुलिस थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस मामले में राजनीतिक रंजिश के तहत तीन वर्षों बाद उसे फंसाया गया है। जिस व्यक्ति के बयान पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उस व्यक्ति ने पहले अपने बयानों में याचिकाकर्ता का नाम नहीं लिया था।
ऐसे में बराड़ ने अब इस मामले में उसे अग्रिम जमानत दिए जाने की हाईकोर्ट से मांग की है। हाईकोर्ट ने मनतार बराड़ को फिलहाल 23 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई तक अंतरिम जमानत देते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।