फाइल पर फर्जी दस्तावेज लगाने की सच्चाई आएगी सामने
विजिलेंस अब पूर्व मंत्री को भी रिमांड पर ले चुकी है। वहीं, उस समय के कार्यकारी डायरेक्टर एसपी सिंह भी विजिलेंस के पास रिमांड पर चल रहे हैं। विजिलेंस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर फाइल में दो पन्ने किसके कहने पर लगाए गए थे। विजिलेंस की जांच में यह बात सामने आई थी कि टाउनशिप की फाइल में दो पन्ने निकालकर नए लगा दिए गए थे। 1987 की डीड के अनुसार यह प्लॉट सिर्फ औद्योगिक उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जा सकता था। गुलमोहर रियल एस्टेट कंपनी ने इस प्लॉट पर टाउनशिप बनाने का काम कर रही थी।साथ ही 12 प्लॉटों को 125 में बांटने को मंजूरी देने के मामले की भी जांच होगी।
पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को फिलहाल राहत नहीं
उधर, टेंडर अलॉटमेंट घोटाले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ 16 अगस्त को लुधियाना में दर्ज एफआईआर में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तत्काल राहत देने से इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने आशु की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई तीन फरवरी को तय करते हुए विजिलेंस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने इसी मामले में उन्हें नियमित जमानत देने से इन्कार कर चुका है, तब यह आधार बनाया गया था कि अभी जांच जारी है। अब आशु ने एक बार फिर इसी मामले में दर्ज एफआईआर में जमानत मांगी है और कहा है कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चुका है, ऐसे में अब उन्हें जमानत दी जाए।