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लंगाह ने निकाली भड़ास, गुरदासपुर विधायक रंधावा ने रची मेरे खिलाफ साजिश

Wed, 11 Oct 2017 05:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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SAD leader and Ex-Punjab minister Sucha Singh Langah
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महिला पुलिस कर्मचारी से दुराचार के आरोप में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री और शिअद नेता सुच्चा सिंह लंगाह ने गुरदासपुर के विधायक रंधावा पर आरोप लगाए हैं। लंगाह की ओर से अदालत में दायर एफिडेविट में आरोप लगाया गया कि गुरदासपुर के वर्तमान विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरदासपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव चुनाव को लेकर उनके खिलाफ साजिश रची है।
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इनमें से 20 और 21 सितंबर को दर्ज हुए केस उनके इशारे पर ही दर्ज हुए हैं। इनमें से एक में एसएचओ शिकायतकर्ता हैं। इन दोनों मामलों में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है। वहीं 29 सितंबर को दर्ज हुआ दुराचार, धोखाधड़ी और धमकाने का केस उन्हें गुरदासपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से दूर रखने के लिए किया गया है। इस मामले में भी शिकायतकर्ता पुलिस विभाग से है।

वकीलों ने यह दी दलील
इससे पहले लंगाह की ओर से अदालत में पेश हुए उनके वकील एचएस बराड़ और डीएस सोबती ने दलील दी कि सीआरपीसी की धारा 437 के तहत अगर किसी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं तो वह किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष सरेंडर कर सकता है। बस वह सेशन और हाईकोर्ट में सरेंडर नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस लंगाह के खिलाफ राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। सितंबर 20 से लेकर अब तक उनके खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इन सभी एफआईआर में पंजाब पुलिस ही शिकायतकर्ता है।
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सरेंडर करने चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचे, जज बोले- गुरदासपुर जाओ

सुच्चा सिंह लंगाह
महिला पुलिस कर्मचारी से दुराचार के आरोप में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री और शिअद नेता सुच्चा सिंह लंगाह सोमवार दोपहर चंडीगढ़ जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष सरेंडर करने पहुंचे। लंगाह की ओर से पेश हुए वकीलों की लंबी दलीलों के बाद अदालत ने मामला उनके अधिकार क्षेत्र में न होने की बात कहते हुए गिरफ्तारी के आदेश देने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि अगर सरेंडर करना है तो उन्हें गुरदासपुर जाना होगा। उनके पास अधिकार नहीं हैं कि वह उनकी गिरफ्तारी या कस्टडी में रखने के लिए यूटी पुलिस को आदेश दे सकें।

कोर्ट का फैसला सुनाए जाने के बाद लंगाह वहां से चले गए। पूर्व मंत्री लंगाह सोमवार को दोपहर करीब एक बजे जिला अदालत पहुंचे। वे करीब तीन घंटे अदालत में ही रहे लेकिन पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने नहीं पहुंची। लंगाह के सरेंडर की सूचना पंजाब पुलिस के आईजी, डीजीपी को सीआईडी दे चुकी थी। साथ ही पल-पल की जानकारी से आला अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा था। बावजूद इसके पंजाब पुलिस की ओर से लंगाह की गिरफ्तारी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पंजाब पुलिस पर यातनाएं देने की संभावना
लंगाह के अनुसार उन्हें डर है कि अगर वह संबंधित थाने में सरेंडर करते हैं तो उन्हें उन्हें गैरकानूनी तरीके से कस्टडी में रखा जाएगा और यातनाएं दी जाएंगी। उन्हें थर्ड डिग्री ट्राचर किया जा सकता है। साथ ही अगर पुलिस कस्टडी के दौरान उनके साथ कुछ गलत होता है तो इसके जिम्मेदार विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा, डीएसपी यादवेंदर सिंह और संबंधित थाने के एसएचओ होंगे।
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क्लीपिंग को बताया फर्जी

सुच्चा सिंह लंगाह
लंगाह ने कोर्ट से बाहर आकर पत्रकारों के समक्ष कहा कि, वह अपने समर्थकों से कहना चाहेंगे कि, वह इस उपचुनाव में बीजेपी को वोट दें। ताकि इस सरकार की कोई भी मंशा पूरी न हो सके। साथ ही कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है कि उनके साथ न्याय होगा। वहीं रेप वीडियो क्लीप के बारे में उन्होंने कहा कि यह झूठी है और वह अदालत के समक्ष इसकी असलियत रखेंगे। वहीं वीडियो में शामिल महिला के बारे में उन्होंने कहा कि वह विजिलेंस कर्मी है।

एसजीपीसी ने लंगाह से लिया इस्तीफा
सोशल मीडिया पर पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह की अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी उनसे किनारा कर लिया है। एसजीपीसी प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बंडूगर ने कहा कि अखबारों में छपी खबरों और वायरल वीडियो के बाद लंगाह से एसजीपीसी की सदस्यता से इस्तीफा ले लिया गया है।

इस दौरान प्रो. बंडूगर ने कहा कि लंगाह पर लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए, एसजीपीसी लंगाह से पूरी तरह किनारा करती है, एसजीपीसी का अब लंगाह के साथ कोई वास्ता नहीं रहा है। यह निर्णय एसजीपीसी की बैठक के बाद लिया गया है।
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